मुरादाबाद। सर्दी में ठिठुरते बच्चों को सरकारी महकमे ने एक बार फिर धोखा दिया। मुरादाबाद के 58 हजार स्कूली बच्चों को खराब गुणवत्ता के स्वेटर बांट दिए गए। एसडीएम सदर ने जांच की तो सारा खेल सामने आ गया। एसडीएम की ओर से इन स्वेटरों की आपूर्ति करने वाली संस्था पर कुल रकम के दो प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को प्रेषित करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को भी पत्र जारी किया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत एक लाख 66 हजार 862 बच्चों को स्वेटर का वितरण किया जाना था। सरकार का आदेश था कि समय से इसकी आपूर्ति कर दें। सर्दी शुरू हो गई है। इसका टेंडर तीन फर्मों को दिया गया। भगतपुर टांडा में 17748, मूंढापांडे में 23962, मुरादाबाद में 16637 और मुरादाबाद नगर में 8397 स्वेटर बांटने का टेंडर बोधराज सुभाष चंद्र एसोसिएट्स को दिया गया। नवंबर माह में इस फर्म के द्वारा चारों स्थानों के 66744 बच्चों को स्वेटर वितरित कर दिए गए।
दिखाया कुछ और, बांट दिया कुछ और
इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने एसडीएम सदर के माध्यम से बांटे गए स्वेटर का सत्यापन कराया गया। एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह का कहना है कि जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भगतपुर टांडा, मूंढापांडे और मुरादाबाद ब्लॉक में बांटे गए कुल 58347 स्वेटरों के भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। बच्चों के लिए जो स्वेटर आए थे, उसकी गुणवत्ता बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए सैंपल के अनुसार नहीं थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने जो सैंपल दिखाए थे, उनकी गुणवत्ता सही थी पर जो स्वेटर बच्चों को बांटे गए उनकी गुणवत्ता खराब निकली। इस पर स्वेटर आपूर्ति करने वाली फर्म पर दो प्रतिशत का जुर्माना लगा गया है। उनकी आपूर्ति की रकम में दो प्रतिशत रकम काटी जाएगी।
एक लाख 84 हजार का लगा जुर्माना
विभाग की ओर से किए गए टेंडर में तीनों फर्मों को इन एक लाख 66 हजार 862 बच्चों को 158 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से स्वेटर बांटना था। तीन ब्लॉक में 58347 बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए हैं। ऐसे में इनकी कीमत कुल 92 लाख 18 हजार 826 रुपये बनती है। इस हिसाब से एसडीएम सदर ने खराब गुणवत्ता होने पर एक लाख 84 हजार 376 रुपये की पेनल्टी लगाई है।
वर्जन...
हमने समय से स्वेटर वितरण का कार्य किया है। तीन दिन पहले बेसिक शिक्षा विभाग में हुई बैठक में तो अधिकारी गुणवत्ता की तारीफ कर रहे थे। खराब गुणवत्ता पर लगाई गई पेनाल्टी की मुझे जानकारी नहीं है।
अजय नारंग, बोधराज सुभाष चंद्र एसोसिएट्स।