मुरादाबाद। टीडीआई सिटी में सीए की पत्नी के सिर में चाकू मारकर की गई लूट की वारदात का शुक्रवार को सिविल लाइन पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पूर्व नौकर ने अपने साथी के साथ मिलकर इस लूटकांड की साजिश रची थी। दोनों ने अनुमान लगाया था कि घर से नकदी, जेवर सहित करोड़ों रुपये का माल मिल जाएगा, लेकिन पहचान होने पर उन्होंने सीए की पत्नी पर जानलेवा हमलाकर उनकी हत्या की कोशिश की थी, हालांकि सूझबूझ और बहादुरी से महिला ने न केवल अपनी बल्कि परिवार के तीन अन्य लोगों की भी जान बचा ली और उनकी वजह से आरोपी भी पकडे़ गए। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी धीरज सैनी उर्फ नीरज निवासी नया गांव और गुलफाम निवासी चक्कर की मिलक है। नीरज माली का काम करता था, वह टीडीआई सिटी में रहने वाले सीए (चार्टेड अकाउंटेंट) मुकेश के घर भी नौकरी कर चुका है। इस दौरान उसने अनुमान लगा लिया कि अगर घर में लूट की वारदात की जाए तो अच्छी खासी रकम हाथ लग सकती है। इसकी साजिश नीरज ने अपने साथी गुलफाम के साथ मिलकर रची और 19 अगस्त को सीए के घर से नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के बाद वे दोनों टीडीआई सिटी जाकर घर की रेकी करते थे, मौका तलाशते थे कि किस वक्त वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। बुधवार दोपहर के वक्त मौका मिलने पर नीरज और धीरज टीडीआई सिटी में रीना के घर पहुंचे। रीना ने दरवाजा खोला और दोनाें को घर में घुसने का मौका दिया। यहां चाकू के बल पर लूट की कोशिश की, विरोध करने पर रीना को सिर में चाकू मारकर जख्मी कर दिया। आरोपियों के ये हरकत देखकर रीना को उनके इरादों का अंदाजा हो गया और उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह कमरे से भागकर खुद को बचाया। दोनों आरोपियों को कमरे में बंद कर दिया गया था, वे दीवार फंादकर मौके से भागने में कामयाब हो गए थे। एक सूचना पर दोनों आरोपियों को एसएसआई सुनील चौधरी और पुलिस टीम ने रामगंगा विहार से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से रीना से लूटे गए जेवर, वारदात में इस्तेमाल चाकू और एक तमंचा भी बरामद किया गया है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों का चालान कर उनको जेल भेज दिया गया है।
गुलफाम बोला.. मालकिन का गला रेतने को कह रहा था नीरज
मुरादाबाद। दोनों ही आरोपियों का भले ही आपराधिक इतिहास न हो लेकिन पुलिस को शक है कि पहले भी आपराधिक वारदात को वे दोनों अंजाम दे चुके हैं। एसएसआई सुनील चौधरी ने बताया कि आरोपियों से बरामद चाकू स्टील का है, जो कि उनके पास लंबे समय से था। महिला पर हमला गुलफाम ने नीरज के कहने पर ही किया था, नीरज ने उससे कहा था कि मालकिन के गले की नस काट दो। जिससे की वह बच न सके और वे दोनाें पुलिस की पकड़ में न आ सकें, लेकिन उसने सिर पर हमला किया और महिला बच निकली।
कहीं इसी तरह से तो नहीं दिया गया शैली हत्याकांड को भी अंजाम!
पांच साल भी अनसुलझी है जनपद की सबसे बड़ी वारदात
मुरादाबाद। रीना की बहादुरी की वजह से न केवल उनके घर लूट करने वाले दोनों आरोपी जेल गए लेकिन करीब पांच साल पहले जिगर कालोनी में हुई शैली हत्याकांड का मामला अब भी अनसुलझा है। जबकि इस वारदात में चार लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें एक मासूम बच्ची भी शामिल थी। शहर की सबसे बड़ी वारदात का खुलासा करने में कई अफसर नाकाम हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे इस वारदात का खुलासा करने का प्रयास करें लेकिन अब तक पुलिस को कई कामयाबी हाथ नहीं लगी है।
टीडीआई सिटी की वारदात का खुलासा हुआ तो सवाल उठने लगे कि कहीं इसी तरह से ही शैली हत्याकांड को भी तो अंजाम नहीं दिया गया है। शैली की बेटी और बेटा पहले नौकरों पर शक जता चुके हैं, उनको अंदेशा है कि वारदात को किसी नौकर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। कई बार पुलिस डॉ शैली के घर नौकरी करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। डॉ शैली जिला अस्पताल में सीएमएस के पद से रिटायर्ड थीं, वह जिगर कालोनी में परिवार के साथ रहती थीं। यहां पर मई 2015 में अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर डॉ शैली, उनके पति डॉ ओम, ननद रश्मि और पोती देवांशी उर्फ गिन्नी की चाकू से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। घर के अंदर से जेवर, नकदी सहित कार लूटकर बदमाश भाग गए थे। बाद में कार लावारिस हालत में सिविल लाइन क्षेत्र में मिल गई थी, लेकिन आरोपी नहीं पकडे़ गए।