करीब 56 साल बाद रमजान में हुए लोकसभा चुनाव के साथ एक इत्तेफाक जुड़ रहा है। इस बार 17वें रमजान पर 17वीं लोकसभा का जनादेश आएगा। 23 मई को मतगणना वाले दिन मुकद्दस रमजान का 17वां रोजा है। गुरुवार को 17वीं लोकसभा चुन ली जाएगी। इस इत्तेफाक की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है।
लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब लोकसभा चुनाव के दरम्यान माह-ए-रमजान पड़ा है। इस बार देशभर में हुए सात चरणों के चुनाव में छठे और सातवें चरण का मतदान रमजान में हुआ है। मुस्लिम मतदाताओं ने 12 मई और 19 मई को रोजे रखकर मतदान किए। इससे पहले वर्ष 1962 में लोकसभा चुनाव रमजान के महीने में हुआ था। 17वीं लोकसभा के लिए मतगणना की तारीख 23 मई मुकर्रर है। ये भी एक इत्तेफाक ही है कि 17वीं लोकसभा के लिए जनता का दिया गया जनादेश माह-ए-रमजान के 17वें रोजे पर आएगा। गुरुवार को मतगणना के बाद देश की सरकार चुन ली जाएगी। फिलहाल सियासी गलियारों में एक्जिट पोल के बीच 17वें रमजान पर 17वीं लोकसभा के जनादेश की भी खूब चर्चाएं चल रही है।
छठवां रोजा, छठा चरण
इस बार लोकसभा चुनाव की शुरुआत 11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से हुई। लोकतंत्र के महापर्व का समापन 19 मई को सातवें चरण के मतदान के साथ हुआ। इस दौरान सात मई से माह-ए-रमजान की शुरुआत हुई। 12 मई को छठे चरण के मतदान वाले दिन रमजान का छठा रोजा था।
तीसरे अशरे पर तीसरे लोकसभा का जनादेश
जानकारों के मुताबिक तीसरा आम चुनाव वर्ष 1962 में हुआ था। ये चुनाव 19 फरवरी से 25 फरवरी तक चला। इससे पहले छह फरवरी से माह-ए-रमजान का आगाज हो गया था। 25 फरवरी को इस रमजान महीने का तीसरा अशरा शुरू हुआ था। 20वां रोजा था। इस दिन ही तीसरे आम चुनाव का जनादेश देश के सामने आया था।