यूपी की इस सीट पर चार चुनावों में नगर में 'कमल' खिला तो देहात-ठाकुरद्वारा में साइकिल दौड़ी है। पिछले आठ वर्षों में दो बार लोकसभा और दो बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।
एग्जिट पोल के आने के बाद सियासी गुणा-गणित का दौर भी एक बार फिर से शुरू हो गया है। चार जून को परिणाम चाहे जो भी हो, लेकिन पिछले आठ वर्षों में हुए चार चुनावों में नगर विधानसभा में कमल ही खिला है। वहीं देहात और ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र में साइकिल ही सरपट दौड़ी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों दल अपने-अपने गढ़ बचाने पर कितने सफल रहे, ये चुनाव परिणाम बताएगा।
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मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीट (बढ़ापुर, कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद शहर और देहात) शामिल हैं। इसमें बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र बिजनौर जिले में आती है। 19 अप्रैल को लोकतंत्र के इस महापर्व में 62.18 फीसदी मतदाताओं ने हिस्सा लिया था।
इससे पहले 2014 से 2022 तक चार चुनाव हो चुके हैं। इसमें दो बार लोकसभा और दो बार ही विधानसभा चुनाव हुए हैं। इन चार चुनावों के परिणाम के मुताबिक मंडल में 2014 के लोकसभा चुनावोंं में भाजपा और 2019 के चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन ने सभी छह सीटें जीतीं थी। वहीं 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले में सपा का पलड़ा भारी रहा था।
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इन चुनावों में मुरादाबाद लोकसभा की विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम के मुताबिक नगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा अजेय रही है। यहां के मतदाताओं ने चारों चुनावों में भाजपा का साथ दिया है। यहां पार्टी को अभी तक हार नहीं मिली है। दूसरी ओर देहात और ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सपा के साथ रहे हैं। पिछले चारों चुनावों में यहां सपा को जीत मिली है। फिलहाल दोनों दलों के नेताओं की नजर मंगलवार को होने वाली मतगणना में इन विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम पर रहेगी।
कांठ विस : बराबरी का रहा है मुकाबला
लोकसभा क्षेत्र की कांठ विधानसभा सीट पर भाजपा और सपा में बराबरी का मुकाबला रहा है। चार चुनावों में दो बार भाजपा तो दो बार सपा को जीत मिली है। 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ले कांठ सीट पर जीत दर्ज की है। वहीं 2019 और 2022 के चुनावों में सपा विजयी रही थी।
बढ़ापुर विस : सिर्फ एक बार पिछड़ी भाजपा
पिछले चार चुनावों में बढ़ापुर विधानसभा सीट पर भाजपा का पलड़ा भारी रहा है। चार में से तीन चुनावों में भाजपा ने इस विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को यहां हार का सामना करना पड़ा था। 2019 में सपा ने मुरादाबाद लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में सपा ने 10692 मतों बढ़त बनाई थी।
नगर विधानसभा : भाजपा को हर बार मिली जीत
पिछले चार चुनावों के परिणाम में मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र की नगर विधानसभा सीट भाजपा के लिए सबसे मजबूत सीट रही है। चारों चुनावों में पार्टी को यहां जीत मिली है। 2019 में मुरादाबाद लोकसभा सीट हारने के बाद भी नगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने 11217 मतों से बढ़त बनाई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जिले की छह में से सिर्फ नगर विधानसभा सीट पर ही जीत मिली थी।
देहात विधानसभा : लहर में भी सपा ने बनाई थी बढ़त
लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटों में देहात सपा की सबसे मजबूत सीट रही है। यहां पार्टी को पिछले सभी चारों चुनाव में जीत मिली है। 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा को मुरादाबाद में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र में सपा 17061 वोटों से आगे रही। यहां पार्टी को 92875 मत मिले थे।
ठाकुरद्वारा विधानसभा : सपा को हर बार मिली जीत
ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट भी सपा की मजबूत सीटों में शामिल है। सपा ने पिछले चारों चुनावों में यहां जीत दर्ज की है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी सपा को भाजपा से 475 वोट अधिक मिले थे। जबकि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा को चारों चुनावों में यहां हार का सामना करना पड़ता है।