फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: इन सीटों पर बसपा के सामने 'अपने'... ये प्रत्याशी रह चुके हाथी के साथी; अब दूसरी पार्टियों से लड़ रहे चुनाव

Wed, 03 Apr 2024 02:37 PM IST
शाहरुख खान जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद मंडल में बसपा का अपने पुराने साथियों से मुकाबला होगा। मुरादाबाद में सपा, संभल में भाजपा और और अमरोहा में कांग्रेस के प्रत्याशी हाथी के साथी रह चुके हैं। 
विज्ञापन
Lok sabha election 2024 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मंडल में बसपा को अपने पुराने साथियों से ही चुनौतियां मिल रही हैं। यहां मुरादाबाद लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी हो या संभल में भाजपा उम्मीदवार या फिर अमरोहा में कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे दानिश अली। सभी उम्मीदवार हाथी के साथी रह चुके हैं। अब पाला बदल कर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
विज्ञापन


मुरादाबाद मंडल की सभी छह सीटों पर बसपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा कब्जा करना चाहती हैं। सभी पार्टियों के प्रत्याशी अपने अपने दावे ठोक रहे हैं। इन सभी सीटों पर बसपा का मुकाबला अपने ही पुराने साथियों से है।

सपा ने मुरादाबाद लोकसभा सीट से रुचि वीरा को प्रत्याशी बनाया है। रुचि वीरा के समय बसपा में थीं। और उन्होंने बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इसके अलावा अमरोहा में सपा कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी दानिश अली 2019 लोकसभा चुनाव बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर संसद पहुंचे थे। 
विज्ञापन


इनके अलावा रामपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी पर भाजपा ने दोबारा दांव लगाया है। घन श्याम लोधी भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। जबकि संभल में भाजपा उम्मीदवार परमेश्वर लाल सैनी भी बसपा में लंबे समय तक रहे हैं। 

नगीना सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. ओम कुमार भी हाथी की सवारी कर चुके हैं। परिणाम क्या रहेंगे ये तो आने वाला वक्त बताएगा और वोटरों का रुख तय करेगा। फिल हाल चर्चा इस बात की है कि बसपा इन चुनौतियों से पार पाएगी या फिर पुराने साथी बसपा को मात देकर सफल पाएंगे।

दो बार बसपा में रह चुके हैं घनश्याम लोधी
रामपुर लोकसभा सीट से भाजपा ने घन श्याम सिंह लोधी को प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले वह सपा, भाजपा और बसपा में भी रह चुके हैं। भाजपा छोड़कर 1999 बसपा में शामिल हो गए थे। 1999 में बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली थी।

घनश्याम सिंह लोधी 2004 में हुए एमएलसी चुनाव के दौरान कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी और मुलायम सिंह यादव की सपा के गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत प्राप्त की थी। 2007 में प्रदेश में बसपा की सरकार बनी थी। तब घनश्याम सिंह लोधी बसपा में शामिल हो गए थे। 2009 में एमएलसी रहते हुए बसपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी। तब सपा प्रत्याशी और अभिनेत्री जयाप्रदा ने जीत हासिल की थी। चुनाव में मिली हार के बाद 2011 में घनश्याम एक बार फिर सपा में शामिल हो गए थे। 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लोधी ने सपा छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली। लोकसभा के उपचुनाव में टिकट मिला तो उन्होंने जीत दर्ज की। अब फिर से भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस प्रत्याशी दानिश अली 2019 में बसपा के टिकट पर जीते थे चुनाव
सपा से गठबंधन में कांग्रेस को अमरोहा लोकसभा सीट मिली है। कांग्रेस ने यहां से सांसद दानिश अली को प्रत्याशी बनाया है। दानिश अली लोकसभा 2019 में अमरोहा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। दानिश अली को इस चुनाव में जीत मिली थी। दानिश 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बसपा में शामिल हुए थे। 2019 में बसपा में शामिल होने से पहले वह कर्नाटक में जनता दल (सेक्यूलर) में थे। अब कांग्रेस में शमिल हो चुके हैं।

बसपा के विधायक रह चुके हैं डॉ. ओम कुमार
2019 में नगीना लोकसभा सीट पर करारी हार का सामना करने वाली भाजपा ने इस बार नहटौर विधान सभा क्षेत्र के विधायक डॉ. ओम कुमार को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. ओम कुमार भी इस वक्त बसपा में रह चुके हैं। 2012 में परिसीमन के बाद बनी नहटौर सीट पर पहली बार डॉ. ओम कुमार बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में उन्हें सफलता मिली थी। इसके बाद वह 2017 और 2022 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक चुने गए। इस बार भाजपा ने उन्हें नगीना सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है।

बसपा से एमएलसी रहे हैं परमेश्वर लाल सैनी
भाजपा ने संभल लोकसभा चुनाव से परमेश्वर लाल सैनी पर दोबारा दांव लगाया है। मूलरूप से चंदौसी निवासी परमेश्वर लाल सैनी 2019 में भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इसके अलावा 2022 में विधान सभा का टिकट भी दिया गया था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इससे पहले वह बसपा में रहे हैं और एमएलसी भी रहे हैं।

बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं रुचि वीरा
मुरादाबाद में सपा प्रत्याशी रुचि वीरा बसपा में रह चुकी हैं। उन्होंने 2022 में बिजनौर विधानसभा सीट पर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली थी। हालांकि इससे पहले वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक रह चुकी हैं और बिजनौर जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैंं। इस बार सपा ने उन्हें मुरादाबाद लोक सभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।
विज्ञापन

जियाउर्रहमान के दादा तो अजय के पिता रह चुके हैं हाथी के साथी
संभल में सपा प्रत्याशी जियारर्हमान बर्क के दादा डॉ. शफीकुर्रहमान भी बसपा की टिकट पर 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली थी। हालांकि कुछ दिन बाद ही सपा में दोबारा शामिल हो गए थे। इसके अलावा मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अपना हक पार्टी के प्रत्याशी अजय यादव के पिता विजय यादव भी ठाकुद्वारा विधानसभा सीट से बसपा के विधायक रह चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें