मुरादाबाद। पूरे शहर या फिर शहर के उन हिस्साें में कर्फ्यू लागू किया जा सकता है, जहां लोग लॉक डाउन के बावजूद घरों से निकल रहे हैं। डीएम ने भी बुधवार को इस बाबत चेतावनी जारी की है कि लोग लॉक डाउन का सख्ती से पालन करें। घराें से नहीं निकलें, नहीं तो ऐसे इलाकों को चिन्हित करके कर्फ्यू लगाया जा सकता है। इस बारे में निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री ने डीएम को सौंप दिया है। पुलिस रिपोर्ट और फीडबैक के आधार पर शहर के उन हिस्साें में कर्फ्यू की घोषणा हो सकती है जहां लोग बुधवार को बेवजह घरों से निकले हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखाें को आदेश दिया है कि लॉक डाउन का पालन पूरी सख्ती से कराएं। जो लोग इसे तोड़ रहे हैं उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि कुछ इलाकों से ऐसी सूचनाएं सरकार को मिल रही हैं कि लोग लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इलाकों को चिन्हित करके जिलाधिकारी जरूरी समझें तो कर्फ्यू लगा सकते हैं। डीएम ने इस बाबत पुलिस को निर्देश दिए हैं कि लॉक डाउन का पालन कराने के साथ ही उन क्षेत्राें के बारे में भी बताएं जहां लोग लॉक डाउन के बावजूद बाहर आ रहे हैं।
हास्टलों में ही रहें छात्र, घर न जाएं
मुरादाबाद। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि कई छात्र और व्यक्ति अपने संस्थान में छुट्टी के बाद अपने कार्यस्थल और हास्टल से अपने मूल आवासाें को प्रस्थान कर रहे हैं। इन लोगों को वहीं रहने दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि संस्थान हॉस्टल और मकान मालिक मकान खाली नहीं कराएं। जो जहां है वह लॉकडाउन में वहीं रहेगा। रैन बसेरों में रह रहे लोगों के खाने पीने के इंतजाम करने और इसमें नेहरू युवा केंद्र, सिविल डिफेंस, एनएसएस आदि की मदद लेने के लिए भी कहा गया है।