उत्पाती भीड़ ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय से संबद्घ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) में तैनात इंस्पेक्टर की मां को कुंदरकी नगर में घनी आबादी के बीच बच्चा चोर समझकर पीट दिया। घटना के वक्त वृद्धा अपनी पोती को बाजार से खाने की चीज दिलाने गई थी। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और मां बेटी समेत चार लोगों को झूठी अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
बुलंदशहर के शिकारपुर निवासी एनडीआरएफ इंस्पेक्टर शाहनवाज रिजवी बीते करीब एक वर्ष से कुंदरकी नगर के मुख्य बाजार में किराये के एक मकान में रह रहे हैं। इंस्पेक्टर की पत्नी सबा जैदी भी कुंदरकी क्षेत्र में ही एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका है। परिवार में इंस्पेक्टर की मां रजिया बेगम उम्र 62 वर्ष भी रहती है। गुरुवार को इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी अपनी अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। घर में इंस्पेक्टर की दो साल मासूम बेटी रिदा नवाज उर्फ सनाया और वृद्घ मां रजिया बेगम ही थी। दोपहर में करीब बारह बजकर चालीस मिनट पर जब पोती को बाजार में खाने की चीज दिलाने को दादी ले गई तभी मुख्य बाजार से सटी एक गली में कुछ महिलाओं ने बच्चा चोर होने का शक जाहिर करते हुए वृद्धा को घेर लिया और बच्ची को भी छीन लिया।
बच्चा चोर की अफवाह फैली तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। विरोध करने पर वृद्धा रजिया बेगम के साथ मारपीट भी कर दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत चार लोग पकड़कर थाने ले आई। बाद में पीड़िता के बहू और बेटा अपनी ड्यूटी से आए तब पुलिस में कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई। एसएसआई प्रेमपाल सिंह ने बताया कि शादाब जहां निवासी पीर का बाजार गली नंबर 16 थाना मझोला, बीना और उसकी बेटी बबली निवासी मोहल्ला कायस्थान कुंदरकी और संजीव कुमार निवासी मोहल्ला महाजन कस्बा बिलारी जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार किया गया। जिनके खिलाफ बच्चा चोर की अफवाह फैलाने और मारपीट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के उपरांत सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया।