पिछले चौदह सालों से जेल में बंद पांच उम्रकैदियों को जल्द सलाखों से आजादी मिल सकती है। इसके लिए सोमवार को जेल में कमेटी की बैठक हुई। जिसमें इन पांचों उम्रकैदियों की बाकी की सजा माफ करने पर विचार हुआ। कमेटी अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही बंदियों की रिहाई पर शासन अंतिम फैसला लेगा।
सजा माफी के लिए कमेटी के समक्ष पेश हुए पांचों उम्रकैदी भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर के रहने वाले हैं। वर्ष 2001 में हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने आसिफ उर्फ कलुआ, नफीस पुत्र मुश्ताक, असलूक पुत्र मजरूद्दीन, जाकिर पुत्र गुलाम साबिर और अशफाक पुत्र मुश्ताक को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वर्ष 2001 से ही पांचों जेल में बंद हैं।
फिलहाल यह पांचों आगरा सेंट्रल जेल में बंद हैं। ये पांचों उम्रकैदी चौदह - चौदह वर्ष की सजा जेल में काट चुके हैं। अमूमन चौदह वर्ष की सजा पूरी कर चुके उम्रकैदियों को उनके चाल चलन के आधार पर बाकी सजा माफ करके जेल से रिहा कर दिया जाता है। इसके लिए जेल सुपरिंटेंडेंट, डीएम और एसएसपी की कमेटी शासन ने गठित की है। सोमवार को जिला जेल में इस कमेटी की बैठक हुई।
जिसमें एडीएम सिटी एके श्रीवास्तव, सीओ ट्रैफिक संजय वर्मा और सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट बीआर वर्मा मौजूद रहे। कमेटी के समक्ष पेश करने के लिए पांचों उम्रकैदियों आसिफ उर्फ कलुआ, नफीस, असलूक, जाकिर और अशफाक को आगरा केंद्रीय कारागार से मुरादाबाद जिला जेल लाया गया था।