जंगल में जा रहे किसान पर मंगलवार सुबह 8:00 बजे तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। किसी तरह आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने किसान को तेंदुए से छुड़ाया। हमले के बाद पहुंची पर विभाग की टीम ने पांच घंटे चले अभियान के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया।
गांव आलमगीरपुर निवासी सुखलाल (40) अपने खेत पर जा रहे थे। जब वे गांव के पास स्थित जपती नदी पर पहुंचे तो वहां पर एक तेंदुआ नदी में पानी पी रहा था। सुखलाल को देखकर तेंदुआ भड़क गया और उसने किसान पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने उनकी गर्दन और बाएं हाथ में पंजे से कई प्रहार किए।
जिसमें किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी चीख पुकार सुनकर पास में खेतों में काम कर रहे शिव कुमार सिंह, बबलू सिंह,राजू आदि डंडे लेकर पहुंचे। किसी तरह किसान को तेंदुए से छुड़ाया। शोर मचने काफी संख्या में ग्रामीण वहां पर लाठी डंडे लेकर आ गए।
घिरने पर तेंदुआ पास में स्थित एक पुलिया के नीचे जाकर छुप गया। तेंदुए ने किसान की गर्दन, सीने और हाथ पर काटा, 10 टांके लगे किसान को परिजनों ने 108 एंबुलेंस से नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल सुख लाल के गर्दन, सीने, हाथ में गंभीर जख्म थे।
उसके 10 टांके लगे। प्राथमिक उपचार के बाद सुख लाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर जिला पंचायत सदस्य पति रोहतास सैनी की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पुलिया के अंदर छिपे तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया।
एक स्थान पर पिंजरे को रखकर उसे पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों के सहयोग से पहले तेंदुए को जाल में कैद किया गया। फिर उसे कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग की टीम में वन क्षेत्र अधिकारी रवि कुमार गंगवार ,डिप्टी रेंजर एमपी सिंह, वन दरोगा पीयूष जोशी, केपी सिंह और संजय सिंह सहित कई कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल थे। क्षेत्र के कई गांव में तेंदुए का आतंक : ठाकुरद्वारा क्षेत्र के कई गांव में तेंदुए का आतंक है।
इस कारण ग्रामीण अपने खेतों पर दिन में भी जाते हुए डरते हैं। करीब 20 दिन पूर्व कल्यानपुर में खेतों में काम कर रहे किसानों पर हमला कर महिला सहित चार लोगों को घायल कर दिया था। उसे समय वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वहां पर पिंजरा लगाया था। लेकिन तेंदुआ ग्रामीणों को और वन विभाग को चकमा देकर वहां से चला गया था।