मुरादाबाद। मलकपुर सेमली गांव में तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दहशत का पर्याय बना नर तेंदुआ आखिरकार बृहस्पतिवार को पिंजरे में कैद हो गया। रेस्क्यू अभियान के 11वें दिन वन विभाग की टीम ने ट्रैप केज के जरिए तेंदुए को पकड़ लिया। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में अब तक तीन तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
डिलारी के गांव मलकपुर सेमली में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी और लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। लोगों ने अकेले में खेतों पर जाना बंद कर दिया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पहले से लगाए गए दो ट्रैप केज के अलावा बुधवार को दो और पिंजरे लगाए। खेतों में थर्मल ड्रोन उड़ाकर तेंदुए की तलाश की गई। उसके पंजों के निशानों से लोकेशन ट्रैक की। लगातार निगरानी के बीच तेंदुआ आखिरकार ट्रैप केज में फंस गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
डीएफओ डॉ. विनय पांडे ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता को देखते हुए 11 दिन से रेस्क्यू अभियान चल रहा है। मलकपुर सेमली में तीन हमलों के बाद तेंदुए को पकड़ना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती था। तेंदुए को पकड़ने के अभियान में मुरादाबाद वन प्रभाग के साथ वाइल्डलाइफ एसओएस आगरा की टीम तथा संभल, रामपुर, बिजनौर और अमरोहा वन प्रभागों के कर्मचारी जुटे रहे।