मुरादाबाद। नोएडा में अक्तूबर में लगने वाले दिल्ली फेयर के स्टॉल का शुल्क कम करने के प्रस्ताव का मुरादाबाद समेत प्रदेश के अन्य निर्यातक संगठनों ने समर्थन किया है। ईपीसीएच चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना की ओर से करीब चार हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक स्टॉल शुल्क घटाने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा कारोबारी परिस्थितियों में शुल्क कम होने से फेयर में भाग लेने वाले निर्यातकों को राहत मिलेगी।
नया मुरादाबाद स्थित ईपीसीएच हाउस में बृहस्पतिवार को हुए इंटरैक्टिव सेशन में निर्यातकों ने सुझाव देने के साथ प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में मुरादाबाद के अधिकांश निर्यातक संगठनों के अध्यक्ष और सचिव शामिल हुए। देश के अन्य हस्तशिल्प क्लस्टरों के प्रतिनिधि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़े। स्टॉल शुल्क के अलावा फेयर की तैयारियों, आवंटन प्रक्रिया और निर्यात उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
ईपीसीएच चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि मुरादाबाद में हुई बैठक और 16 अगस्त को जोधपुर में होने वाली बैठक से मिले सुझावों को 20 अगस्त को दिल्ली में होने वाली ईपीसीएच बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड के निर्णय के बाद स्टॉल की नई दर तय होगी। जोधपुर की बैठक में जोधपुर और जयपुर के निर्यातक संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे। विदित हो नोएडा में 14 अक्तूबर से शुरू होने वाले फेयर में 3500 स्टॉल हैं। इनके लिए 4200 से अधिक आवेदन आए हैं। 14 से 18 अगस्त के बीच स्टॉल आवंटन की तैयारियां चल रही हैं।
इन शहरों के निर्यातक ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़े
मुरादाबाद के अलावा सहारनपुर, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़, भदोही, वाराणसी, मेरठ और नोएडा के निर्यातक संगठन बैठक से ऑनलाइन और ऑफलाइन जुड़े। सभी ने स्टॉल शुल्क कम करने के प्रस्ताव का समर्थन किया।