कांठ। क्षेत्र के गांव भरतपुर में घास काटते समय मंगलवार को महिला पर हमला कर उसे गंभीर घायल करने वाला तेंदुआ पिंजरे में 36 घंटे के भीतर ही कैद हो गया। तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों भी भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग ने भीड़ को हटाकर तेंदुए को मय पिंजरे अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित डियर पार्क मुरादाबाद पहुंचा दिया।
कांठ तहसील क्षेत्र के गांव भरतपुर की निर्वेश देवी (39) मंगलवार शाम गांव की अन्य महिलाओं के साथ पशुओं के लिए चारा लेने जंगल में गई थीं। यहां घास काटते समय गांव के ही अमर सिंह के गन्ने से खेत से अचानक निकले तेंदुए ने निर्वेश पर हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं तेंदुए की तलाश में वन विभाग ने सघन सर्च अभियान चलाया था। ड्रोन से भी तेंदुए की लोकेशन को ट्रेस किया था। कांठ के साथ ही मुरादाबाद और ठाकुरद्वारा से भी वन विभाग की टीमें गांव भरतपुर में कैंप किए हुए थीं। यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए थे। रेंजर राजेश कुमार शर्मा नेतृत्व में टीम पिंजरों की निगरानी कर रही थी कि बृहस्पतिवार की सुबह घटना के 36 घंटे के भीतर ही पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए उसी स्थान पर पिंजरे में कैद हुआ, जहां उसने महिला निर्वेश पर हमला किया था। पिंजरे में तेंदुए के आने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने भीड़ को हटाते हुए तेंदुए को मय पिंजरे अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित डियर पार्क ले गए।
बृहस्पतिवार की सुबह क्षेत्र के गांव भरतपुर में पिंजरे में कैद हुए तेंदुए की आयु करीब पांच वर्ष और वह मादा है। डियर पार्क में चिकित्सकों की टीम ने उसका मेडिकल परीक्षण भी किया है, जिसमें वह पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया है।
कांठ में दो दिन में पकड़ने गए दो तेंदुए
क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बुधवार को कांठ के गांव रामसराय भंकरी में भी एक तेंदुआ यहां लगे पिंजरे में कैद हो गया था और अब बृहस्पतिवार की सुबह क्षेत्र के ही गांव भरतपुर से भी एक मादा तेंदुआ पकड़ा गया। इससे पहले भी 24 अगस्त को वन विभाग की टीम ने कांठ के ही गांव रामसराय से एक नर तेंदुए को पकड़ा था।
मंगलवार को क्षेत्र के गांव भरतपुर में तेंदुए के हमले में गंभीर घायल हुई महिला निर्वेश देवी का अभी जिला अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। परिजनों और वन विभाग के मुताबिक उसकी हालत में पहले से काफी सुधार है। वन विभाग की ओर से घायल को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
क्षेत्र के गांव भरतपुर में महिला पर हमले के बाद बृहस्पतिवार को भले ही तेंदुआ पकड़ा गया हो लेकिन एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम का गांव में कैंप जारी है। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी एक और पिंजरा भरतपुर में लगा हुआ है। इसी के साथ वन दरोगा गौरव चौहान, कपिल कुमार, वन रक्षक नीटू चौहान आदि कैंप कर रहे हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा कांठ तहसील क्षेत्र के गांव सलेमपुर, पाइंदापुर, समंदपुर बुनियादपुर, शाहपुर अब्दुलबारी, दयानाथपुर और कासमपुर में भी पिंजरे लगे हुए हैं। संवाद
छजलैट के गांव छज्जुपुरा के रहने वाले छात्र रविकांत राय और इनका दोस्त विशेष राय बुधवार की शाम क्षेत्र के गांव सदरपुर स्थित लाइब्रेरी से पढ़कर एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। रविकांत राय ने बताया जब वह सदरपुर से जा रहे कच्चे रास्ते पर पहुंचे तो सामने रास्ते में तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। उसे देख कर वह बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने समय गंवाए बिना बाइक को पीछे घुमा लिया और फिर वह दूसरे रास्ते से होकर अपने गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि यहां अक्सर तेंदुआ दिखाई देता रहता है। बता दें कि वन विभाग ने पास के गांव समंदपुर में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया हुआ है।