कांठ। क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर टांडा में घास काटते समय शनिवार को जंगल में तेंदुए के हमले से घायल हुए नौवीं का छात्र लोकेंद्र कुमार की हालत में अब जहां काफी सुधार है तो वहीं मुजफ्फरपुर टांडा सहित आसपास के कई गांवों में तेंदुए की दहशत भी व्याप्त है।
कांठ के गांव मुजफ्फरपुर टांडा निवासी 13 साल के लोकेंद्र कुमार ने बताया कि जब वह घास काट रहा था तो करीब दस फीट की दूरी से तेंदुआ ने अचानक छलांग लगाकर उस पर झपट पड़ा था और उसने उसे अपने पंजों में दबोच लिया था। उस समय उसके हाथ में घास काटने वाली दरांत थी, जिससे उसने चार-पांच बार तेंदुए पर प्रहार किया और शोर मचाया था। दरांत के प्रहार से तेंदुआ भी घायल हो गया था और शोर मचाने से दौड़े उसके तहेरे भाइयों शुभम और विकास को आता देख तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया था। लोकेंद्र ने बताया कि एक बार को तो उसे लगा था कि अब वह नहीं बचेगा लेकिन उसने साहस जुटाते हुए खुद को तेंदुए के चंगुल से बचाया। लोकेंद्र की इस बहादुरी की ग्रामीण जहां एक तरफ सराहना कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनमें तेंदुए की दहशत भी व्याप्त है। मुजफ्फरपुर टांडा समेत गांव ध्यानपुरा, भागीजोत, मोहड़ी हजरतपुर, मंझरा, बेगमपुर, मिलक, खेमपुर सैफुल्लापुर, गांवड़ी, शेरपुर, रुस्तमपुर, खूंटखेड़ा, मिश्रीपुर आदि के ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। लेकिन रविवार की शाम तक भी वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया था।