कांठ। छजलैट के गांव मधुआ खालसा में बार-बार तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उन्होंने तेंदुए का पकड़वाने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की है। उनका कहना है कि वह तेंदुए की मौजूदगी की वजह से खेतों में कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
मधुआ खालसा निवासी कुलदीप सिंह, शैलेंद्र कुमार आदि का कहना है कि पिछले कई दिन से तेंदुआ गांव और उसके आसपास के क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। जिस कारण किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। इधर क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, यह जहां ग्रामीणों के पालतू पशुओं और जानवरों को अपना निवाला बना रहे हैं तो वहीं दहशत का कारण भी बने हुए हैं। पिछले करीब दस दिन से कांठ और छजलैट में तेंदुओं का जबरदस्त आतंक है। ढाई माह में अब तक वन विभाग की टीम पांच तेंदुओं को पकड़ चुकी है। दो मई को कांठ के शाहूपुर स्थित ब्राईटलैंड पब्लिक स्कूल से तेंदुआ पकड़ा गया था, इसके बाद दस मई को छजलैट के नक्संदाबाद से एक तेंदुआ पकड़ा था। 14 मई को कांठ के मिलक खेमपुर, 11 जुलाई को गांव मनकुआ के जंगल में नलकूप के कुएं में गिरे तेंदुए को पकड़ा था और 21 जुलाई सोमवार को कांठ के नयागांव अकबरपुर में बंद प्लाई फैक्टरी से मादा तेंदुआ पकड़ी गई है। इसके अलावा तीन अप्रैल को गांव सिरसा ठाट में बलवीर सिंह के खेत से तेंदुए के तीन शावक और 13 मई को कुम्हरिया जुबला में हरिओम सिंह के खेत में दो शावक मिले थे।
जिस बंद प्लाई फैक्टरी से सोमवार को मादा तेंदुआ पकड़ी गई है, उस क्षेत्र में अन्य तेंदुए भी होने की आशंका है, क्योंकि यहां गांव नयागांव अकबरपुर, सिकंदराबाद, कासमपुर, गढ़ी, सलेमपुर आदि में पिछले कफी दिनों से तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। नईम अहमद सैफी, गोपाली सिंह, आबिद, मोमीन अहमद ठेकेदार, बिलाल अहमद, इकबाल अहमद, मोहम्मद नाजिम, जाकिर, मोनिस रजा, अरजान, मोहम्मद इमरान, फुरकान, सलमान आदि ने दोबारा पिंजरा लगवाने की मांग की है। इसके अलावा कांठ के सिरसा, ठाट, खतापुर, रसूलपुर गुर्जर, खलीलपुर कद्दीम, मुख्त्यारपुर नवादा, पहाड़मऊ, पेली विश्नोई, महमूदपुर माफी आदि गांवों में भी तेंदुए की दहशत बकरार है।