मुरादाबाद । ठाकुरद्वारा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह गांव सहसपुरी से एक और तेंदुआ ट्रैप पिंजड़े में पकड़ा गया। इसी गांव से 25 अगस्त को भी एक तेंदुआ पकड़ा गया था। वन विभाग के अनुसार अभियान के तहत अब तक 12 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। वहीं बहापुर बलिया में अब भी तेंदुए का खौफ कायम है। गांव से दो किमी की दूरी पर शुक्रवार को एक गाय का अधखाया शव मिला है। वन विभाग ने यहां सात पिंजरे लगा रखे हैं।
25 से ज्यादा ट्रैप कैमरे बहापुर बलिया में लगाए गए हैं लेकिन तेंदुए की गतिविधि इनमें नहीं दिख रही है। तेंदुओं की मौजूदगी वाले गांवों में वनकर्मी, पुलिस और आपदा राहत स्वयंसेवक लगातार रात में गश्त कर रहे हैं। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीमें कैमरों की तस्वीरों का अध्ययन करने के लिए लगाई गई हैं। शुक्रवार को लालापुर पीपलसाना और जटपुरा में तेंदुआ दिखने की सूचनाओं के बाद थर्मल ड्रोन और गश्त के जरिये निगरानी बढ़ाई गई। वहीं 11 गांवों में लाउडस्पीकर और मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के उपाय बताए गए। डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ठाकुरद्वारा तहसील के 22 गांवों में 32 पिंजरे और कांठ तहसील के आठ गांवों में आठ पिंजड़े लगाए गए हैं। ग्रामीणों के साथ वन विभाग की बैठक में रात के समय बिजली कटौती की समस्या भी सामने आई। वन विभाग ने लोगों से खेतों की ओर अकेले नहीं जाने, समूह में निकलने, रात में टॉर्च और लाठी रखने तथा बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखने की अपील की है। तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग और पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।