मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वन विभाग उसके हमले रोक पाने में ना केवल नाकाम साबित हो रहा है, बल्कि अब तक वह ये भी ट्रेस नहीं कर पाया कि क्षेत्र में कुल कितने तेंदुए घूम रहे हैं। मंगलवार को भी एक घर में तेंदुए ने हमला कर एक बच्ची को खींचने की कोशिश की। किसी तरह उसे तेंदुए के जबड़े से बचाया गया। लेकिन इस कोशिश में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है।
मंगलवार देर रात आठ बजे क्षेत्र के गांव अब्दुल्लापुर लेदा गांव निवासी मोहम्मद यूनुस के घर में तेंदुए ने हमला कर दिया। घर में सात साल की बेटी गुलफिजा घर में थी। घर गांव से कुछ बाहरी क्षेत्र में स्थित है। खुला होने के कारण तेंदुआ उसमें घुस गया और बच्ची को खींच घर से बाहर ले आया। बच्ची को खींचने की खबर पर घर में शोर मच गया। चीख पुकार सुनकर सबसे पहले मां नाजिमा, बहन और तहेरा भाई दौड़े। मां ने किसी तरह डंडों आदि के जरिए तेंदुए को डराने की कोशिश की।
घर वालों का शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर इकट्ठा हो गए। तेंदुए को घेरकर मारने की कोशिश की। लेकिन खुद को घिरा पाकर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। लेकिन इस पूरी कोशिश में बच्ची गुलफिजा बुरी तरह घायल हो गई है। उसके सिर पर दो जगह और अन्य शरीर में पांच-छह जगह तेंदुए के पंजों के निशान हैं। घायल बच्ची को ठाकुरद्वारा के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। सूचना पर वन विभाग की टीम अस्पताल गई। वहां से अधिकारी करन सिंह बच्ची को देखने के बाद घटनास्थल पर गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले भी गांव में तेंदुआ दिखा था।