कांठ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को संघ की कांठ तहसील इकाई के पदाधिकारियों, सदस्यों सहित सभी लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी को सौंपा।
ज्ञापन में लेखपालों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनकी न्यायोचित मांगों पर शासन और राजस्व परिषद स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। संघ ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे लागू करने और वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने तथा चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर समय से डीपीसी कराने, चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण में हो रहे विलंब को दूर करने, 16 वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि करने, पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबद्ध लेखपालों को परिषद के आदेश के अनुसार अवमुक्त करने की मांग की। वहीं लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना लगाए जा रहे रोस्टर पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ उच्च तकनीकी संसाधन के रूप में लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि मांगों का समाधान नहीं होने पर वह 17 अक्तूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन देने वालों में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के कांठ तहसील अध्यक्ष अली हुसैन, मंत्री संजीव सागर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष निशांत त्यागी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह, कोषाध्यक्ष अंकित सक्सेना, ऑडिटर फहीम सहित लेखपाल रहे।