अमरोहा। सेवानिवृत्त सीओ के बेटे प्रॉपर्टी डीलर राहिल उस्मानी की आत्महत्या के मामले में पैरवी करने वाले शमशाद हसन के साथ कार सवार लोगों ने मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, आत्महत्या के चार महीने बाद भी पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल नहीं की है।
परिजन पहले भी विवेचक पर आरोपियों से हमसाज होने का आरोप लगा चुके हैं। अमरोहा नगर के मोहल्ला कुरेशी में रहने वाले शमशाद हसन की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर की रात करीब नौ बजे वह अपनी दुकान बंद करके लकड़ा चौराहे के पास कुछ सामान खरीदने के लिए शाह विलायत दरगाह चौराहे पर रुके थे।
तभी मोहल्ला जमा मस्जिद के रहने वाले बब्बू उर्फ उमर और कालाखेड़ा गांव का रहने वाला उसका साथी अनीस कार से उतर आए और गालियां देने लगे। प्रॉपर्टी डीलर राहिल उस्मानी की आत्महत्या प्रकरण में पैरवी नहीं करने के लिए धमकाया। पीड़ित शमशाद हसन ने गालियां देने से मना किया तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की।
शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तभी आरोपी कार में बैठकर भाग गए। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में बब्बू उर्फ उमर और अनीस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।