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एमडीए के अधिकारी व कर्मचारी समेत आठ के खिलाफ केस

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मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाने में एमडीए के अधिकारी व कर्मचारी समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसमें धोखाधड़ी और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आशियाना कालोनी निवासी नवनीत विश्नोई की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिसमें नवनीत ने बताया कि वह टीएमयू में कंप्यूटर विभाग में सहायक प्रोफेसर के पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दस साल पहले उन्होंने शंकर सिंह से दस लाख 55 हजार रुपये में एक मकान खरीदा था। उन्होंने बताया कि शंकर सिंह ने मकान के लिए भूखंड कटघर थानाक्षेत्र के गाड़ीखाना निवासी गोपाल सिंह यादव से खरीदा था। नवनीत के पुलिस को बताया कि रजिस्ट्री के कागजात इस समय बैंक में जमा हैं। जिसके जरिये उन्होंने बैंक से लोन लिया था। आरोप है कि 2018 में एमडीए के संपत्ति विभाग में तैनात प्रदीप कुमार अग्रवाल ने विभाग के ही अधिकारी राजेश वर्मा से फर्जी तरीके से मकान के कुछ हिस्से की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। आरोप है कि इसके बाद प्रदीप कुमार उसके घर आए और मकान खाली करने का दबाव डालने लगे। नवनीत ने जब सभी कागजात होने की बात कही तो आरोप है कि प्रदीप ने बीस लाख रुपए मांगे। इनकार करने पर धमकी देने लगे। नवनीन का आरोप है कि प्रदीप कुमार ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में संपत्ति विभाग में कार्यरत अधिकारी राजीव दीक्षित, राजेंद्र सिंह, सूर्यांश खन्ना व राधेश्याम के साथ मिलकर आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी। जिसमें मकान राजेश वर्मा के नाम पर दिखा दिया गया। पीड़ित ने केस में बताया कि उन्होंने एमडीए के अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। तब नवनीन ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने मामले ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। सिविल लाइंस थाना में नवनीत की तहरीर पर एमडीए के अधिकारी प्रदीप स्वरूप अग्रवाल, राजेश वर्र्मा, राजीव दीक्षित, राजेंद्र सिंह, सूर्यांश खन्ना, राधेश्याम और अरविंद व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो सभी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार केस दर्ज किया जाएगा।
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