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दो नहीं तीन बच्चे का बने कानून वरना देश हो जाएगा बूढ़ा

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मुरादाबाद। अपने बयानों से सोशल मीडिया में सुर्खियों में रहने वाले सपा सांसद डा. एसटी हसन ने कहा कि दो नहीं तीन बच्चों कानून बने। वरना देश बूढ़ा हो जाएगा। इस कानून को ईमानदारी से लागू किया जाए, असम जैसे समुदाय विशेष पर नहीं।
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सपा सांसद की मीडिया से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प वायरल हो रहा है। वीडियो में डा. एसटी हसन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े चार साल में कोई विकास कार्य नहीं कराए। आज सड़कों का बुराहाल है। सड़कें गड्ढों में हैं न कि गड्ढे सड़क में। सपा ने जिनते काम किया, उनता किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ। 22 महीने में एक्सप्रेस वे बना दिया। मेट्रो चलवाया। प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल में गिनाने वाले कोई एक विकास कार्य बता दीजिए। प्रदेश सरकार ने सपा के विकास कार्यों पर फीते काट रही हे। कहा कि भाजपा कैसी पार्टी ये जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव में हर किसी ने देख लिया है। लोगों के अपहरण किए गए, महिलाओं के कपड़े फाड़े गए। पर्चे फाड़े गए। जनसंख्या कानून पर कहा कि ये चुनावी मुद्दा है। साढ़े चार साल में कुछ नहीं किया। अब ये कानून याद आया। ये कानून मुसलमानों पर डाला जाएगा कि मुसलमान जनसंख्या बढ़ाता है। हिंदू मुसलमान किया जाएगा। सबको मालूम है कि इससे मुसलमानों पर कोई फर्क नहीं पड़ना है। 1951 के आंकड़े उठाकर देख लीजिए और आज के आंकड़े देख लीजिए। मालूम हो जाएगा कि जनसंख्या किसने बढ़ाई है। मुसलमान को जनसंख्या कानून से कोई परेशानी नहीं है। ये कानून सब पर लागू होना चाहिए। ये नहीं किसी एक समुदाय विशेष पर लागू किया जाए, जैसा असम में हुआ है। अगर इसे ईमानदारी से लागू किया जाए। दो नहीं तीन बच्चों का कानून हो चाहिए। वरना पंद्रह बीस सालों में हमारा देश बूढ़ा हो जाएगा। यहां बूढ़े ही बढ़े नजर आएंगे। इसका उदाहरण चीन है। आज चीन ने खुली छूट दे दी है, बच्चे पैदा करने की।
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