बिलारी। तहसील के जटपुरा गांव में चरागाह की भूमि का नियमविरुद्ध आवंटन कर ग्रामीणों को पट्टे दिए जाने का मामला पकड़ में आने के बाद अब राजस्व अधिकारी सतर्क हो गए हैं। शुक्रवार दोपहर बाद तहसीलदार ने सभी राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक कर पूर्व में किए गए पट्टों की भूमि की जांच करने और पात्र पट्टेदारों को आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
तहसीलदार आदित्य कुमार ने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों के साथ ली गई बैठक में कहा कि धारा 132 की सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित भूमि की प्रत्येक गांव में वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड मिलान कर जांच कर ली जाए। यदि पूर्व में किसी गांव में सुरक्षित भूमि का पट्टा दिए जाने की प्रक्रिया अमल में लाई गई है तब उसकी जांच रिपोर्ट बनाकर भेजी जाए। जो तालाब आवंटन होने योग्य हैं ऐसे तालाबों की जांच के बाद सूची बनाई जाए। यदि कहीं पट्टेदार को कब्जा मिलने में देरी की शिकायत सामने आ रही है तब पट्टेदार को शीघ्र मौके पर पैमाइश कर आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
तहसीलदार ने कहा कि यदि कहीं भी ग्राम समाज भूमि पर अवैध कब्जे होने की कोई सूचना मिले तब तत्काल मौके पर जाकर जांच कर अवैध कब्जेदार के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की जाए। जन शिकायतों के निस्तारण में शीघ्रता के साथ निष्पक्षता बरती जाए। बीती 16 जून को खतौनी में त्रुटि का सुधार और खातेदार के अंश निर्धारण संबंधी शिविर में कुल 414 दावे और आपत्तियां आईं थीं। निस्तारण के लिए जो आपत्तियां अवशेष रह गई हैं उनकी शीघ्र जांच कर निस्तारण किया जाए। बैठक में राजस्व निरीक्षक विनय अरोड़ा, विजय शर्मा, अशोक गुप्ता, अकबर अली, यशपाल गिरी और इकरार हुसैन आदि मौजूद रहे।