हिमाचल प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज को लंबी छुट्टी भेजने का मुद्दा अब सियासी रुख अख्तियार करना हुआ नजर आ रहा है। भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस और सपा को कटघरे में खड़ा कर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। कुंदरकी से भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सपा और कांग्रेस को घेरते हुए टिप्पणी की है।
वह बुधवार को अपनी मां के साथ अपने पैतृक घर कुंदरकी आईं। इस वक्त कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव चल रहा है। 20 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में भाजपा को सपा और कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया है। आईपीएस इल्मा अफरोज प्रकरण मीडिया में छाया तो भाजपा ने भी इसे मुद्दा बनाने में देर नहीं की।
सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने भी इस मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश सरकार को घेरा है। कहा कि सत्ताधारी पार्टी के एक विधायक के दबाव में हिमाचल प्रदेश की सरकार ने आईपीएस इल्मा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। एक आईपीएस अधिकारी को लंबी छुट्टी लेकर अपने घर जाना पड़े तो इससे ज्यादा शर्म की कोई बात नहीं हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है।
सोशल मीडिया पर आईपीएस इल्मा अफरोज के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, टेलीग्राम पर उनके समर्थन में लोग पोस्ट कर रहे हैं। लोग उन्हें ईमानदार अधिकारी बताने के साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। यूट्यूबर भी उनके समर्थन में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के बद्दी में विवाद के बाद कुंदरकी लौटीं इल्मा अफरोज से मिलने उनके रिश्तेदार, करीबी और परिचित भी पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। आईपीएस इल्मा भी अपनी मां के साथ कुछ रिश्तेदारों से मिलने उनके घर पहुंचीं। इल्मा अफरोज ने बताया कि वह 21 नवंबर तक छुट्टी पर हैं।