मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बसपा ने रफतउल्ला उर्फ छिद्दा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। रफतउल्ला एक बार असमोली और तीन बार संभल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अभी तक भाजपा और सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
संभल के गांव मूसापुर निवासी बसपा के वरिष्ठ नेता रफतउल्ला उर्फ नेता छिद्दा को बसपा ने कुंदरकी से टिकट देकर फिर भरोसा जताया है। इसकी जानकारी संभल जिले के बसपा कार्यकर्ताओं को हुई तो खुशी की लहर दौड़ गई। एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई है। वर्ष 1996 में रफतउल्ला ने पहला चुनाव बसपा के टिकट पर संभल विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था।
इसके बाद 16 वर्ष तक बसपा की राजनीति तो की लेकिन चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। हालांकि वह वर्ष 2002 और 2007 में भी टिकट मांगने के दावेदारों में शामिल रहे थे। वर्ष 2012 और 2017 में लगातार बसपा के टिकट पर संभल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद वर्ष 2022 में असमोली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मौका मिला लेकिन इस चुनाव में भी जीत नहीं मिली। अब एक बार फिर बसपा ने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया है। माना जा रहा है कि तुर्क बिरादरी को साधने के लिए बसपा ने टिकट दिया है।
हालांकि कई अन्य प्रत्याशी भी तुर्क बिरादरी से ही ताल्लुक रखते थे लेकिन बसपा ने रफतउल्ला पर ही भरोसा जताया। सपा ने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया है लेकिन सपा के टिकट के लिए भी संभल के कई दावेदार लाइन में लगे हैं।
राजनीति के जानकारों के बीच चर्चा है कि संभल से एक वरिष्ठ नेता की दावेदारी सबसे मजबूत है। टिकट पाने के लिए वह लखनऊ और दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं।