संभल के पूर्व सांसद और भाजपा नेता सत्यपाल सिंह सैनी के सगे साले भानु प्रताप सहित तीन आरोपियों को पाकबड़ा पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि भानु ने अपनी प्रेमिका तथा अपने साथियों के साथ मिलकर प्रेमिका के पहले प्रेमी वेदपाल की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। शव को नंगला बलवीर गांव के जंगल में फेंककर आरोपी भाग गए थे। तीनों आरोपियों का चालान कर मंगलवार को जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में पूर्व सांसद सत्यपाल सैनी का कहना है कि गलत काम करने वाले भानु से उनका कोई संबंध नहीं है। वह तो शिकायत मिलने पर भानु से पहले ही किनारा कर चुके हैं।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बिजनौर जिले के गांव शिवाला कलां का रहने वाला भानू प्रताप एवं इसी गांव का गजेंद्र उर्फ बंटी उर्फ बंटू, गांव खेड़ा थाना अमरोहा देहात निवासी यामीन तीनों दोस्त हैं। यामीन अमरोहा का हिस्ट्रीशीटर है। भानू ने पुलिस हिरासत में बताया कि वह टीएमयू से मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर चुका है।
वहां पर पढ़ाई के दौरान इलाहाबाद के गांव शुक्लापुर की रहने वाली सहपाठी श्रद्धा सिंह से वह प्यार करने लगा। लेकिन श्रद्धा यहीं पॉलिटेक्नीक की पढ़ाई करने वाले वेदपाल निवासी मोहद्दीनपुर जिला लखीमपुर खीरी से प्यार करती थी। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन वेदपाल ने श्रद्धा को धोखा देकर किसी और युवती से शादी कर ली। इसके बाद श्रद्धा ने वेदपाल से दूरी बना ली।
अचानक श्रद्धा का संपर्क भानु से हुआ और दोनों के बीच प्यार हो गया। लेकिन वेदपाल शादी के बाद भी श्रद्धा से प्रेम संबंध जारी रखना चाहता था। उसे अपने साथ खींचे गए फोटो वायरल करने की धमकी देकर मुलाकात के लिए दबाव बनाता था। जिस वजह से श्रद्धा उससे नफरत करने लगी। वेदपाल ने श्रद्धा और भानू की शादी में भी रुकावट पैदा करने की धमकी दी। जिससे खफा होकर दोनों ने वेदपाल की हत्या की साजिश रच डाली।
श्रद्धा ने फोन कॉल कर मुलाकात के बहाने पांच जून को वेदपाल को मुरादाबाद बुलाया जबकि वह खुद गुड़गांव में थी। वेदपाल श्रद्धा के बुलाए पते पर गुलाब रिसोर्ट के निकट पहुंचा पर यहां उसे श्रद्धा नहीं मिली जबकि योजना के मुताबिक भानू प्रताप, यामीन, गजेंद्र और भानू का मौसेरा भाई कपिल निवासी रफतपुरा जिला अमरोहा यहां मौजूद थे। ये चारों दो बाइकों पर सवार थे। ये सभी वेदपाल को श्रद्धा से मिलवाने के बहाने रात नौ बजे नंगला बलवीर गांव में ले गए।
यहां सीने में गोलियां मारकर वेदपाल की हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए दस्तावेज, मोबाइल जेब से निकाल लिए और फरार हो गए। अगले दिन गांव के चौकीदार प्रेम ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद सोशल मीडिया की मदद से वेदपाल की पहचान हो सकी थी।
सर्विलांस की मदद से पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश किया है। गजेंद्र, भानु और यामीन को जेल भेज दिया गया है। श्रद्धा और कपिल की तलाश जारी है। श्रद्धा वर्तमान में गुड़गांव में एक कैब कंपनी के आफिस में कॉल अटेंडेंट के पद पर कार्यरत है। फिलहाल वह वहां से भी भागी हुई है।