मुरादाबाद। केजीके कॉलेज के निलंबित शिक्षकों ने प्रबंधक के समक्ष अपना पक्ष रखा। साथ ही आवश्यक कागजात भी दिए। प्रबंधक का कहना है कि दस्तावेजों का अध्ययन कर एक सप्ताह में निर्णय दिया जाएगा।
प्रबंधक विवेक खन्ना ने दस सिंतबर को भवन प्रभारी प्रो. अजय सिंह और खेल सचिव प्रो. अनिल चौहान को निलंबित कर दिया था। उन्होंने यह कार्रवाई तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की थी। रिपोर्ट में प्रो. अजय सिंह पर प्रबंधन की अनुमति के बिना भवन को तुड़वाने और फर्नीचर, मलबे को बेचने के आरोप हैं। वहीं, प्रो. अनिल चौहान पर सेल्फ फाइनेंस स्पोर्ट्स अकादमी खोलने के और खेल मैदान का व्यावसायिक उपयोग करने के आरोप हैं। इसी मामले में प्रो. अजय सिंह और प्रो. अनिल चौहान ने बृहस्पतिवार को प्रबंधक विवेक खन्ना से मुलाकात की। प्रबंधक विवेक खन्ना का कहना है कि दोनों शिक्षकों ने मामले के संबंध में अपना पक्ष रखा है और कुछ कागजात भी दिए हैं।
वाटर प्रूफिंग पर सुरक्षा परत लगाने के निर्देश
इसके साथ ही प्रबंधक विवेक खन्ना ने कॉलेज में किए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं की छतों पर की गई वॉटर प्रूफिंग का कार्य देखा। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को इस कार्य की मजबूती के लिए दो और कोट लगाने को कहा। प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह का कहना है कि कोट लगाने का कार्य होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।