मुरादाबाद। नवीं यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी मुरादाबाद की एनसीसी एलुमनी एसोसिएशन की ओर से पंचायत भवन में महिला सशक्तीकरण पर संवाद का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने एनसीसी कैडेट्स को अनुशासन में रहने, आत्मनिर्भर बनने और अपने दायित्वों का भली-भांति पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने लिए बड़े लक्ष्य चुनें, हौसला उससे भी बड़ा रखें। सफलता जरूर मिलेगी।
कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया। इसमें अलग-अलग क्षेत्र की सफल महिलाओं ने एनसीसी कैडेट्स को सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि एनसीसी ग्रुप मुख्यालय बरेली के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर अमित उनियाल व पल्लवी उनियाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी के पूर्व कैडेट्स को परस्पर संगठित रहने के साथ देशहित व समाज सेवा, सामुदायिक विकास के कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाना है।
मुख्य वक्ताओं में डॉ. बबीता गुप्ता, ऐश्वर्या सिंह गोयल, दीपा कृष्णन, शिखा गुप्ता, भावना धवन, संगीता भार्गव, निरुपमा बाघले, शुचि शर्मा आदि रहीं। कमान अधिकारी कर्नल पीएन सिंह ने सभी मुख्य वक्ताओं को स्मृति चिह्न प्रदान किए। इस दौरान मेजर सोनिया बिंद्रा, मेजर डॉ. मीनू मेहरोत्रा, सीनियर जीसीआई करुणा त्यागी, कैप्टन सुनीता देवी, कैप्टन डॉ. मनी बंसल आदि मौजूद रहीं।
मुख्य वक्ताओं ने किया प्रोत्साहित
बेटियों का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है लेकिन उन्हें अपने दायित्व नहीं भूलने चाहिए। जब वह अपने सपनों और जिम्मेदारियों में सांमजस्य बनाकर प्रयास करती हैं तो हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
संगीता भार्गव, सलाहकार, समाज सेविका, प्रबंध समिति एनकेबीएमजी डिग्री कॉलेज चंदौसी
वर्ष 1996 में मैं एनसीसी के कार्यक्रम यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कनाडा गई थी। इससे मेरा पूरा व्यक्तित्व बदल गया। मैंने यही महसूस किया है कि हमें जो करना है, वह हमारे अंदर है। इसलिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करने चाहिए।
दीपा कृष्णन, कोषाध्यक्ष, एक्सपा
बेटियों को खुद पर विश्वास करना चाहिए। ऐसे में कोई भी चुनौती आएगी आसानी से उससे पार पा लेंगी। शुरुआत हमेशा छोटे से होती है, लेकिन सपने बड़े रखने चाहिए। संघर्ष में भले ही अकेले हों, लेकिन सफलता में पूरा समाज साथ होता है।
शिखा गुप्ता, ट्रस्टी, सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान
आने वाला समय तकनीक का है। ऐसे में बेटियों को तकनीक के साथ चलना होगा। अपने अंदर के छात्र को हमेशा जिंदा रखना चाहिए, क्योंकि जब हम सीखना बंद कर देते हैं तो सफलता के रास्ते अपने आप बंद हो जाते हैं।
भावना धवन, संस्थापक, एरिना मल्टीमीडिया