पति और पत्नी के बीच के पवित्र बंधन को प्रेम के धागे में और मजबूती से बांधने वाले त्योहार करवाचौथ बुधवार को मनाया गया। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। शाम को चांद देखकर व्रत खोला। इस अवसर पर अनेक आयोजन भी किए गए। कई जगहों पर सामूहिक व्रत खोले गए।
करवाचौथ पर महिलाओं का उत्साह और जोश देखने लायक था। नवविवाहित जोड़ों से लेकर उम्रदराज महिलाओं भी व्रत रहीं। हाथों में मेहंदी सजी थी, चेहरे पर प्रेम की लाली थी तो पति परमेश्वर के लिए श्रंगार किया।
बिना पानी पिए दिन भर व्रत रखने के बावजूद उनके चेहरे पर शिकन तक दिखाई नहीं दी। शाम को चंद्रमा निकलने के बाद पति को चेहरा देखकर और उनके हाथ से पानी पीकर व्रत खोला। पति के पैर छुए और आशीर्वाद लिया।
गीता ज्ञान मंदिर में बुधवार को कार्तिक मास सत्संग और करवाचौथ के उपलक्ष्य में प्रभात फेरी निकाली गई। जो विभिन्न मार्गों से होती हुई वापस गीता ज्ञान मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। इससे पूर्व मास सत्संग में पं. गिरजाभूषण मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीगणेश साक्षात परम ब्रह्म परमात्मा हैं।
भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न किए बिना कल्याण संभव नहीं है। भले ही ईष्ट देव भगवान और विष्णु अथवा शंकर और श्रीदुर्गा हैं। इन सभी देवी देवताओं की उपासना की निर्विघ्न संपन्नता के लिए विघ्न विनाशक श्रीगणेश का स्मरण आवश्यक है। शाम को मंदिर में महिलाओं ने उत्सव मनाया और पति की दीर्घायु की कामना की।
रात को चंद्र दर्शन एवं विधिवत पूजन के बाद जल एवं प्रसाद ग्रहण किया। जबकि भारत रक्षा सेना महिला सभा की ओर से सामूहिक करवाचौथ का पूजन का आयोजन बुद्धि विहार में किया गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवाचौथ का पूजन करने के साथ ही व्रत खोला।
इस अवसर पर सरिता यादव- धर्मेंद्र यादव, राजकुमार यादव हीरादेवी, हेमंत यादव, लक्ष्मी यादव, पीयूष जायसवाल, एकता जायसवाल, अनिल भंवर, रेखा भंवर, मनोज यादव रमा यादव, राकेश जायसवाल कुसुम गुप्ता आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा की ओर से करवाचौथ पूजन का आयोजन आवास विकास पीली कोठी पर किया गया।
यहां मीना सक्सेना, दीप सक्सेना, आभा जौहरी, अर्चना जौहरी, किरण, पूनम, सुमन, बबिता, रजनी, प्रीति आदि मौजूद रहे। व्यवस्था में अतुल जौहरी, जयकृष्ण सक्सेना, गौरीश सक्सेना, अजय जौहरी, सतेंद्र आदि का योगदान रहा।