कांठ नगर से होकर कलश कांवड़ लेकर जाते रामपुर के कांवड़िये। संवाद
कांठ। बृहस्पतिवार से सावन का महीना शुरू हो गया है। जिसमें महादेव का जलाभिषेक करने के लिए उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार से लगातार कांवड़ियों की वापसी हो रही है। बृहस्पतिवार को रामपुर के कांवड़िये कांठ नगर व क्षेत्र से होकर निकले तो वातावरण शिवमय हो गया।
शाम रामपुर के चार शिव भक्त कांवड़ियों ने 61 लीटर पवित्र गंगाजल भरी भारी भरकम कलश कांवड़ लेकर कांठ नगर में हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए प्रवेश किया तो स्थानीय श्रद्धालु भी कांवड़ियों के साहस को देखते रह गए। कांवड़ियों ने बताया कि वह हरिद्वार से रामपुर तक की करीब 180 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए 11 अगस्त को सावन की महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। बता दें सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए प्रतिवर्ष हरिद्वार से कांवड़िये कांवड़ लेकर आते हैं। पूरे महीने कांठ क्षेत्र से होकर कांवड़ यात्रा चलती है। बिजनौर की जनपद की सीमा से मुरादाबाद जनपद की सीमा में कांवड़िये कांठ से ही प्रवेश करते हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा भी तैयारियां की गई हैं।