नन्हीं उम्र में अपने साथ हुई दरिंदगी से वो दहशतजदा है। मनहूस घटना ने उसके मन को खराेंच डाला है। अपने साथ हुई हैवानियत को वह पल भर के लिए भी नहीं भुला पाती। हालांकि आला अफसरों की सख्ती के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है। सहारा देने के लिए एक सीओ की पत्नी आगे आई हैं। लेकिन वो अभी भी गुमसुम है।
डरी सहमी है। उसे इसी डर से उबारने के लिए सीओ कांठ की पत्नी ने गुरुवार को पीड़िता के साथ लंबा वक्त बिताया। सीओ कांठ राहुल सिंह की पत्नी कुसुम बीते दिन पीड़िता को सहारा देने के लिए आगे आई थीं। गुरुवार को उन्होंने गैंगरेप पीड़िता से मिलकर करीब एक घंटे तक काउंसलिंग की ताकि वह इस भयानक हादसे से उबर सके।
पीड़िता से मिलने के लिए कुसुम जिला अस्पताल पहुंची थीं जहां पीड़िता को मेडिकल के लिए लाया गया था। अपने साथ हुई हैवानियत भरी घटना से दहशतजदा छात्रा ने पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई है। वह कंप्यूटर कोर्स करना चाहती है। कुसुम का कहना है कि बहुत जल्द किसी अच्छे इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर कोर्स में पीड़िता का दाखिला करा दिया जाएगा।
उन्होंने छात्रा के टूट चुके भरोसे को फिर से जिंदा करने की कोशिश की। कुसूम ने बताया कि उनकी कोशिश है कि छात्रा अपने साथ हुए भयानक हादसे से उबरकर मानसिक रूप से मजबूत बने ताकि नए सिरे से जिंदगी शुरू कर सके। मानसिक रूप से मजबूत होकर ही वह गुनहगारों को सजा भी दिला सकती है।
कुसुम ने बताया कि वह लगातार पीड़िता से संपर्क में रहेंगी और उम्मीद करेंगी कि बाकी लोग भी इस तरह की पीड़िताओं के प्रति नजरिया बदलकर उनका जीवन संवारने को आगे आएं।