बीज विधायन संयंत्र में लगी कबाड़ मशीन।
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पाकबड़ा (मुरादाबाद)। कृषि विभाग के अधिकारियों का कारनामा तो देखिए, नये भवन में कबाड़ हो चुकी मशीनें लगा दीं और कृषि मंत्री के हाथों उद्घाटन भी करा दिया। किसानों को उम्मीद थी कि अब खरपतवार वाले बीज आसानी से साफ कराए जा सकेंगे, लेकिन एक महीने बाद भी कंडम मशीनें चालू न हो पाने से वह नाउम्मीद हो रहे हैं।
सात मार्च को उचैती गांव में समारोह पूर्वक बीज विधायन संयंत्र का उद्घाटन कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह के हाथों कराया गया था। इस दौरान पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि और जिलाधिकारी सहित जिले भर के अधिकारी भी शामिल हुए। कृषि मंत्री ने किसानों से कहा था कि अब उन्हें साफ सुथरे बीज मिला करेंगे। इस संयंत्र के जरिये खरपतवार मिश्रित बीजों को आसानी से साफ किया जा सकेगा। इससे किसानों में खुशी थी। वहीं अधिकारियों ने पोल न खुल जाए, इसलिए उद्घाटन के समय मशीनों को ढककर रखा था। इस संयंत्र को छह करोड़ एक लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। एक महीने बाद भी इन्हें चालू नहीं किया जा सका है। इससे किसान मायूस हैं। इस बाबत गोदाम प्रभारी जागेश्वर सिंह का कहना है कि बिलासपुर में बंद हो चुके प्लांट की मशीनों को यहां लगाया गया है। मशीनों को अभी ठीक कराया जा रहा है। मशीनों को चालू करने के लिए टेक्नीशियन लगातार काम कर रहे हैं। एक या दो महीने में इन्हें चालू कर दिया जाएगा।
भाकियू नेता ने कहा, पूरी तरह कबाड़ हैं मशीनें, इन्हें चालू नहीं किया जा सकता
भाकियू के प्रदेश महासचिव डॉ. नौ सिंह बुधवार को बीज विधायन संयंत्र को देखने पहुंचे तो वह हैरान रह गए। प्रदेश महासचिव ने पत्रकारों से दावा किया है कि सभी मशीनों में जंग लगी हैं और वह टूट रही हैं। पूरी तरह कबाड़ हो चुकीं इन मशीनों को नहीं चलाया जा सकता। सरकार और अधिकारी लगातार किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं। इस संयंत्र को लगाने के नाम पर सिर्फ पैसों की बर्बादी हुई है, इससे किसानों का कोई फायदा नहीं होने वाला है।
उचैती गांव में बीज विधायन संयंत्र लगाया गया है। बिलासपुर के प्लांट की मशीनों को यहां स्थापित किया गया है। चूंकि यह मशीनें चल रही थीं। मशीनें ठीक हैं। कुछ तकनीकी कमी के कारण अभी संयंत्र को चालू नहीं किया जा सका है, लेकिन इसे चालू करने का लगातार प्रयास जारी है। जल्दी ही बीज शोधन का काम चालू कर दिया जाएगा।
- सीएल यादव, उप निदेशक, कृषि प्रसार