सर्राफा एसोसिएशन एवं भारतीय मानक ब्यूरो गाजियाबाद शाखा कार्यालय के सौजन्य से हाल मार्किंग के प्रति ज्वैलर्स के लिए जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें हालमार्क से जुड़ी जानकारियां दी गईं।
गाजियाबाद से आए संजय कुमार वैज्ञानिक एवं शाखा प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2000 में हाल मार्किंग योजना की शुरुआत की गई थी। भारत सोने का सबसे बड़ा व्यापार का केंद्र है। हाल मार्किंग योजना बहुमूल्य धातु की शुद्धता परखने की आनुपातिक तत्वों की सम्मिश्रण की सटीक जानकारी प्राप्त होती है।
बताया कि 2015 में सरकार ने हालमार्क गजट पास किया है। जिसके तहत सर्राफ को लाइसेंस लेना जरूरी होगा। बिना हालमार्क लाइसेंस लिए बिना ज्वैलरी नहीं बेच पाएगा। यदि कोई ज्वैलर हालमार्क लाइसेंस लिए बिना हालमार्क स्वर्ण आभूषण बेचता पाया जाता है तो भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
विशांत रावत वैज्ञानिक सी ने लाइसेंस लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुरादाबाद सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, महामंत्री श्रवण कुमार कोषाध्यक्ष संजीव अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, अंशुल गुप्ता, प्रशांत, नितिन, राहुल अग्रवाल आदि शामिल हुए।