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एडीएम की कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट को पक्ष रखने का दिया आखिरी मौका

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रामपुर। जौहर ट्रस्ट द्वारा खरीद गई जमीन में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने के आरोप में एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में दर्ज वाद की सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के वकील ने पक्ष रखने के लिए वक्त मांगा है। एडीएम की कोर्ट ने इस मामले में ट्रस्ट को आखिरी मौका देते हुए सुनवाई की अगली तिथि17 सितंबर निर्धारित कर दी है।
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सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाली मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नाम पर लगभग 160 एकड़ जमीन खरीदी गई है। जमीन खरीद के मामले में ट्रस्ट को चैरिटी के काम करने की शर्त के आधार पर स्टांप शुल्क में छूट दी गई थी। इस मामले में शिकायत की गई थी कि ट्रस्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया है। इस आधार पर पूरे मामले की जांच पिछले साल तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी को सौंपी गई थी। तिवारी ने जांच में आरोप को सही पाया था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था, जिसे सुनवाई के लिए एडीएम की कोर्ट में स्थानांरित कर दिया गया था। इस मामले में एडीएम कोर्ट की ओर से ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने नोटिस रिसीव नहीं किया था। इसके बाद नोटिस को समाचार पत्र में प्रकाशित कराया गया था। दो बार नोटिस जारी करने के बाद भी जौहर ट्रस्ट की ओर से पक्ष रखने के लिए कोई सामने नहीं आया था। पिछली सुनवाई पर ट्रस्ट के वकील ने अपना वकालतनामा दाखिल किया था। गुरुवार को हुई सुनवाई को दौरान ट्रस्ट के वकील ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए मौका मांगा है। एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट ने ट्रस्ट को पक्ष रखने के लिए आखिरी मौका देते हुए इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 17 सितंबर निर्धारित कर दी है।
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