मुरादाबाद। जिला अस्पताल में पिछले दो माह से बंद पड़ा जन औषधि केंद्र आखिरकार सोमवार को खुल गया। अस्पताल प्रशासन ने केंद्र संचालक को चेतावनी दी थी, जिसके बाद दोबारा संचालन शुरू हो गया है। अब तक जन औषधि केंद्र बंद होने का खामियाजा सीधे मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा था। अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध न होने वाली दवाएं उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ रही थीं।
23 जुलाई को अमर उजाला ने इस मुद्दे पर खबर प्रकाशित की, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने केंद्र संचालक को चेतावनी पत्र जारी किया था। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केवी सिंह ने बताया कि संचालक को लिखित चेतावनी दी गई थी कि यदि केंद्र नहीं खुला तो सूचना शासन को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग, संक्रमण, अस्थमा और थायरॉयड जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परेशानी नहीं होगी। लोगों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध होंगी। इनमें बुखार, दर्द, संक्रमण, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, थायरॉयड, एलर्जी, गैस, अस्थमा, महिलाओं एवं बच्चों की दवाएं, विटामिन, इंसुलिन, आई ड्रॉप, मलहम, सैनिटरी नैपकिन, ग्लूकोमीटर स्ट्रिप, सिरिंज, पट्टियां और अन्य चिकित्सा सामग्री तक अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर मिलेंगी। जिला अस्पताल परिसर में एक और जन औषधि केंद्र संचालित है।