उन्हें हिंदी और अंग्रेजी समझ नहीं आ रही है, न ही वे हिंदी या अंग्रेजी बोल पा रहे हैं। वे रह-रह कर शोर मचाने लगते हैं। कई बार भागने के फिराक में वे क्वारंटीन कक्ष से बाहर निकल जाते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि पहले जब उनके लिए रोटी, सब्जी, पूड़ी, दाल और चावल परोसी गई थी तो मलेशिया के जमातियों ने खाने को ठुकरा दिया।
इसके बाद भूख लगने पर रोटी और सब्जी पर टूट पड़े। इस बीच मलेशिया के एक जमाती ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे अस्पताल परिसर में ही दबोच लिया गया। इन हरकतों के बाद से पहरा और भी सख्त कर दिया गया है।