मुरादाबाद। जलजीवन मिशन से जुड़े सरकार और अवाम के सपने इस गर्मी में भी पूरे नहीं हो सके। धीमी गति और जिम्मेदारों के ढीले रुख के कारण ज्यादातर गांवों में मिशन से जुड़े काम मुकाम नहीं पा सके। कहीं ओवरहेड टैंक अधूरा है तो कहीं पाइप लाइन का काम। ग्रामीण बार-बार शिकायतें करके भी अपने घर तक जलधारा की चाहत पूरी नहीं कर सके हैं।
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महज बोरिंग तक सीमित जलजीवन मिशन का काम
ठाकुरद्वारा। ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के गांव फौलादपुर में जलजीवन मिशन का काम सिर्फ बोरिंग तक सीमित है। बोरिंग के बाद मिशन को आगे बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया गया। लोगों की शिकायत है कि घर तक साफ पानी आया नहीं, पाइप लाइन के नाम पर सड़कें और खोदकर डाल दीं।
गांव रघुनाथपुर में पाइप लाइन बिछाकर कुछ घरों में कनेक्शन दे दिए लेकिन यहां तक पानी की सप्लाई के लिए फौलादपुर में पाइप लाइन का काम पूरा होना जरूरी है। जल निगम की अनदेखी के कारण ओवरहेड टैंक के प्रस्तावित स्थान पर उपलों का बाजार नजर आता है। ध्यान न दिए जाने से इस स्थान का इस्तेमाल उपले थापने के लिए किया जा रहा है।
ग्राम प्रधान रईस अहमद ने बताया कि एक साल से गांव में योजना का काम बंद है। टैंक का निर्माण नहीं किया गया। सोलर पैनल लगाने के लिए भी सिर्फ ढांचा ही खड़ा हो सका है। पूरे गांव में पाइप लाइन भी नहीं डाली गई। जल निगम के जेई से शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण मोहम्मद याकूब का कहना है कि खोदी गई सड़कों की मरम्मत न करने से समस्या बढ़ गई है। संवाद
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टैंक बने गुजरे दो साल, नहीं सुधरा हाल
बिलारी। क्षेत्र के गांव थांवला में ओवरहेड टैंक बने दो साल हो गए लेकिन गांव के एक तिहाई घरों में इससे पानी नहीं पहुंच सका है। हालात से निराश ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक जलजीवन मिशन का कोई लाभ नहीं मिला है।
थांवला की आबादी लगभग 12 हजार है। ओवरहेड टैंक बनने से लोगों को घर बैठे साफ पानी मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन इस बार की गर्मी चरम की ओर बढ़ गई पर पानी नहीं मिला।
ग्राम प्रधान सायरा बेगम के पति हाजी इकरार हुसैन ने कहा कि अभी एक तिहाई घरों में तक भी कनेक्शन नहीं दिए गए। पाइप लाइन की खोदाई से उखड़ी सड़कें वैसी ही छोड़ दीं। जल निगम के जेई दुष्यंत कुमार ने बताया कि थांवला की पेयजल परियोजना का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश जल निगम से नहीं है। निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ के पास जिम्मेदारी है। संवाद
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आठ माह से नहीं पानी की सप्लाई
कुंदरकी। ग्राम पंचायत चिड़ियाठेर में दो साल पहले भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई थी। नलकूप से सीधे घरों तक पानी की आपूर्ति पहुंचाई जा रही थी लेकिन आठ माह से चिड़ियाठेर और उसके मजरा कुतुबपुर अज्जू की तीन हजार से अधिक की आबादी तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही। चिड़ियाठेर निवासी अमित कुमार का कहना है कि सोलर सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण नलकूप नहीं चल पा रहा। इसीलिए बीते आठ माह से आपूर्ति बाधित है। वहीं, कुुतुबपुर अज्जू निवासी हुकुम सिंह का कहना है कि ओवरहेड टैंक अधर में लटका है। यह चालू हो तो पेयजल आपूर्ति सुचारु हो सके। ग्रामीणों ने गर्मी का हवाला देते हुए जल्द जलापूर्ति की मांग की है। संवाद
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ओवरहेड टैंक अधूरा, नहीं मिलता साफ पानी
कांठ। गांव मथाना में वर्ष 2023 में 168.53 लाख की लागत के काम अनदेखी का शिकार हो गए। जलापूर्ति के लिए नलकूप, पाइप लाइन, घरों तक टोंटी के लिए पाइप लगाने के काम के बाद तो हुए मगर कवायद आगे नहीं बढ़ी। ओवरहेड टैंक अधूरा है। काम के नाम पर उसके अधबने पिलर ही हैं। सोलर सिस्टम की व्यवस्था भी नहीं हुई।
गांव निवासी रियाजू, मुखराम, राजन यादव, चंद्रशेखर, नितेश, लालता प्रसाद आदि ने कहा कि टैंक का निर्माण अधूरा है। डेढ़ साल से काम बंद है। एक बार टेस्टिंग की तो पाइप लाइन में लीकेज की समस्या सामने आ गई। घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
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ओवरहेड टैंक नहीं हुआ तैयार, पानी का इंतजार
सुरजन नगर। क्षेत्र के ग्राम दुल्हापुर पट्टी चौहान में अक्तूबर 2022 में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका। गांव में गली-गली पाइप लाइन डालकर घरों में कनेक्शन दे दिए। पानी के लिए बोरिंग भी करा दिया लेकिन अधूरे ओवरहेड टैंक के कारण पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। शिकायत के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। नवंबर 2024 से ओवरहेड टैंक का काम बंद है। लिहाजा ग्रामीण घर-घर पानी का इंतजार ही कर रहे हैं। ठेकेदार हनीफ का कहना है कि पैसा न मिलने से ओवरहेड टैंक निर्माण बंद है। धन आते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। संवाद
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