बाबा उमाकांत महाराज का रुहानी काफिला सैकड़ों वाहनों के साथ आज महानगर में आएगा। काफिले में हजारों श्रद्धालुगण साथ होंगे। वाराणसी में हुए हादसे के बाद कार्यक्रम को विशेष रूप से सावधानी बरती जा रही है। आयोजकों के साथ ही पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कार्यक्रम में दस से 12 हजार लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। सत्संग एवं नामदान कार्यक्रम का संयोजन बाबा जय गुरु देव धर्म विकास संस्था उज्जैन के मीडिया प्रभारी राजीव तिवारी और विजय पाल सैनी कर रहे हैं। राजीव तिवारी ने बताया कि बाबा जय गुरु देव महाराज के अध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम संत बाबा उमाकांत महाराज का रुहानी काफिला रविवार को मुरादाबाद आएगा।
काफिला दो अक्तूबर को उज्जैन से प्रारंभ हुआ था। जो मध्य प्रदेश, उज्जैन और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होता हुआ 26 अक्तूबर को शहीद पथ लखनऊ में जाकर समाप्त होगा।
राजीव तिवारी ने आगे बताया कि बाबाजी गऊ हत्या, पशु-पक्षियों की हत्या और शराब सेवन करने, कराने के लिए मना करते है।
उनका कथन है कि प्राण निकलने के बाद शरीर चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो या आम आदमी का लोग इसे मिट्टी में मिला देते हैं। बाबा जय गुरू देव संगत के जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे काफिला बिजनौर से चलेगा।
जो चांदपुर, धनौरा, गजरौला, अमरोहा, जोया होता हुआ दिल्ली रोड पर गुलाब स्टूडियो के बराबर में सिटी माल वाले मैदान दोपहर 12 बजे तक आ जाएगा। करीब पांच हजार लोग काफिले में शामिल सैकड़ों वाहनों से आएंगे। शाम पांच बजे से सात बजे तक सत्संग व नामदान का कार्यक्रम होगा।
महाराजश्री का रात्रि विश्राम कार्यक्रम स्थल पर ही रहेगा और सोमवार को सुबह 8 बजे शाहजहांपुर के लिये रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि वाराणसी हादसे को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक का कोई नियम नहीं टूटेगा। आयोजन में 250 वालेंटियर व्यवस्था संभालेंगे। उन्हें बीस वाकी टाकी उपलब्ध कराई जाएंगी। जिससे उनके बीच समन्वय बना रहे।