राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की फरवरी में होने वाली परीक्षा में अनुत्तीर्ण फेल छात्रों की भरमार रहेगी। इसके कारण परीक्षार्थियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इनके लिए अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
अखिल भारतीय परीक्षा के लिए राजकीय आईटीआई मुरादाबाद सहित 16 निजी आईटीआई के विद्यार्थियों की परीक्षा पांच फरवरी से शुरू हो रही है। शिक्षकों ने बताया कि गत वर्ष करीब साढ़े तीन हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से दो हजार छात्र फेल हो गए हैं। वह भी इस बार परीक्षा में बैठेंगे।
इनको मिलाकर लगभग चार हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। आईटीआई की परीक्षाओं के लिए बाहरी संस्थानों कों केंद्र बनाया जाता है। इसके लिए पालीटेक्निक, महाविद्यालय और इंटरमीडिएट के कालेजों का चयन किया जाता है। केंद्र निर्धारण समिति में जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और राजकीय आईटीआई के प्राचार्य शामिल हैं।
छह फरवरी से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा शुरू हो रही हैं। जिलेभर में इसके 126 केंद्र बनाए गए हैं। इसके बावजूद आईटीआई की परीक्षा के लिए भी 15 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन उसमें वित्तविहीन कालेजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से अधिकारी सहमत नहीं थे। अब दोबारा से केंद्र निर्धारण किया जा रहा है।
केंद्र निर्धारण किया जा रहा है। निजी संस्थाओं को इन छात्रों की संख्या पोर्टल पर लॉक करनी होगी। प्रवेश पत्र भी छात्रों के पास सीधे आते हैं। इसलिए हमारे पास सटीक डाटा नहीं है। अभी छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर रहे हैं तो यह संख्या दो हजार से ज्यादा होने की भी संभावना है।
- सीपी अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई मुरादाबाद।