फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: बच्चे का शव नहीं मिला होता तो मुश्किल हो जाता महिला की पहचान कराना

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। दस साल के बच्चे अंकुश का शव नहीं मिलता तो शायद महिला की पहचान कराना भी मुश्किल हो जाता। महिला के चेहरे को बुरी तरह जला दिया गया था। उसका गांव में कम ही आना जाना था और उसके परिवार के लोग शव मिलने की सूचना के बाद भी मौके पर नहीं गए थे। गांव के कुछ लोगों ने बच्चे को पहचान लिया और पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने पहले बच्चे की पहचान अंकुश के रूप में कराई फिर महिला की पहचान सीमा के रूप में हुई।
विज्ञापन

मां बेटे की हत्या करना और दोनों के शवों को मौढ़ा तैय्या के उस क्षेत्र में फेंकना जहां लोग केवल अपने खेतीबाड़ी के काम से ही जाते हैं। इससे यह साबित होता है कि हत्यारे इस क्षेत्र से पूरी तरह वाकिफ हैं। मां बेटे के शवों को 500 मीटर की दायरे में फेंका गया और दोनों के चेहरे भी जला दिए थे। बुधवार को कल्लू सिंह के खेत में महिला का शव मिला तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और फोरेंसिक टीम से जांच कराई। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस ने पहले दिन न तो आस पड़ोस के खेतों में कोई सर्च ऑपरेशन चलाया और न ही डॉग स्क्वायड बुलाकर चेकिंग कराई । यह भी देखने का प्रयास नहीं किया गया कि आस पड़ोस के खेत में महिला का कोई सामान या फिर कोई और शव तो नहीं पड़ा है अगर पुलिस ने बुधवार को ही गंभीरता दिखाई होती तो बच्चे का शव उसी दिन मिल सकता था। बृहस्पतिवार को किसान अपने खेत में खाद डालने गए तो बच्चे का शव मिल गया। उसका चेहरा कम जला था। जिस कारण पहचान कराने में मदद मिल गई। वरना महिला की पहचान कराना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो सकता था।

बृहस्पतिवार को नहीं हुआ बच्चे के शव का पोस्टमार्टम
मुरादाबाद। बृहस्पतिवार की दोपहर को बच्चे का गन्ने के खेत में मिला था। उसके गले पर चोट के निशान है। जिससे माना जा रहा है कि बच्चे की हत्या में गला घोंटकर की गई और उसके चेहरे को जलाया गया था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच पड़ताल और मृतक की पहचान कराने में पुलिस शाम तक पंचनामा तैयार नहीं कर पाई। जिस कारण बृहस्पतिवार को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। अब शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
विज्ञापन


महिला और बच्ची की हत्या, पुलिस ने लगा दी एफआर
मुरादाबाद। 13 साल पहले मझोला के मंगूपुरा स्थित बंद फैक्टरी में 35 वर्षीय महिला और दस वर्षीय बच्ची के शव मिले थे। पोस्टमार्टम से पता चला था कि दोनों को गला घोंटकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम को जांच पड़ताल में हाईवे से फैक्टरी के पास से किसी वाहन से टायरों के निशान मिले थे। संभावना जताई गई थी कि महिला और बच्ची आपस में मां बेटी हो सकती हैं। पुलिस कातिलों को पकड़ना तो दूर मृतकाओं की पहचान भी नहीं करा पाई थी। घटना से दो साल बाद भी पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें