लखनऊ/मुरादाबाद। मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएस आतंकी हारिश आतंकी हमले अंजाम देने के लिए फंडिंग जुटा रहा था। उसके बैंक खाते में बीते कुछ महीनों के दौरान संदिग्ध खातों से रकम भेजी गई थी। उसे रिमांड पर लेने के बाद मंगलवार को जब एटीएस के अधिकारियों ने इस बाबत पूछताछ की तो उसने चुप्पी साध ली। वह लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा लेकिन अधिकारियों ने जब उसके लैपटॉप और मोबाइल से मिले डाटा के बारे में सवाल पूछे तो उसने आईएस के हैंडलर के संपर्क में होने की बात कबूल ली।
सहारनपुर निवासी हारिश मुरादाबाद के एक कॉलेज से बीडीएस कर रहा था। एटीएस ने उसे 15 मार्च को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे टीएम लखनऊ ले गई थी। एटीएस ने हारिश को मंगलवार सुबह लखनऊ जेल से अपनी अभिरक्षा में लेने के बाद गहन पूछताछ की। इससे पहले एटीएस ने हारिश के साथ बीडीएस का कोर्स करने वाले छात्रों से भी उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई थी। उन्होंने बताया कि हारिश की गतिविधियां संदिग्ध थीं। वह दिन भर अपने लैपटॉप और मोबाइल पर व्यस्त रहता था। अक्सर उससे आसपास के इलाकों के लोग मिलने भी आते थे। एटीएस ने हारिश के उन साथियों को भी चिन्हित किया है, जिसे उसने अपने ग्रुप में जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए शामिल किया था। इनसे हारिश का बुधवार को आमना-सामना कराने की तैयारी है।