दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएस उत्तर प्रदेश में भी अपना नेटवर्क तैयार कर रहा है। सोशल साइट को ‘हथियार’ बनाकर नौजवानों को बरगलाया जा रहा है। उत्तराखंड से हुईं संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक कई नौजवान दुर्दांत आतंकी संगठन के संपर्क में हैं।
खुफिया इनपुट के बाद पहले से संवेदनशील मुरादाबाद रेंज के सभी जिलों के कप्तानों को होटल, सराय, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हर हरकत पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। एनआईए और एटीएस की टीम ने कुछ दिन पहले हरिद्वार के रुड़की में छापामारी कर संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था।
इनसे पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि यह संदिग्ध उत्तराखंड में वारदात करने की फिराक में थे। यहां से मिली जानकारी के बाद टीमों ने देश में कई जगह दबिश दी। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दस जिलों में आईएस के नेटवर्क को खंगालने के लिए कहा है।
इसके अलावा एटीएस की टीम वेस्ट यूपी के जिलों में लगातार ‘आपरेशन सर्च’ चला रही है। क्योंकि रुड़की में पकड़े गए संदिग्ध वेस्ट यूपी के जिलों से होते हुए वहां तक पहुंचे थे। यहां रहकर संदिग्ध अपना नेटवर्क तैयार कर रहे थे। कुछ लोग उनके संपर्क में थे। जिनके जरिये वह युवकों को अपने साथ शामिल करने की तैयारी कर रहे थे।
इतना ही नहीं वह आईएस के आकाओं को भी पल पल की जानकारी पहुंचा रहे थे। खुफिया एजेंसियों को ये भी कहा गया है कि वह वेस्ट यूपी में उन लोगों पर भी निगाह रखें जो पहले आतंकियों से रिश्तों के शक में पकड़े जा चुके थे। मुरादाबाद मंडल के संभल जिले से दो आतंकी कुछ दिन पहले ही पकड़े गए थे। जबकि बिजनौर से फरार हुए आतंकियों का आज तक सुराग नहीं लग पाया है।
"खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर मुरादाबाद के पूरे रेंज में आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर चौकसी बढ़ाई गई है। सभी जिलों के कप्तानों को जिले के ढाबों, होटलों, सराय, सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हर संदिग्ध हरकत पर नजर रखने को कहा गया है। 26 जनवरी के मद्देनजर पुलिस को खास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है।"
ओंकार सिंह, डीआईजी मुरादाबाद रेंज