ठाकुरद्वारा। 10 दिन पहले ब्लाॅक प्रमुख के पति भाजपा नेता डाॅ.वीर सिंह सैनी और उनके दो साथियों पर प्राॅपर्टी डीलर ने हाईवे पर हमला कर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया लेकिन अब तक जांच तक पूरी नहीं हुई। सीओ कहते हैं कि दोनों पक्षों के बीच मामला सात साल से कम सजा का है, इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।
10 दिन पूर्व नगर में मुरादाबाद हाईवे पर तिकोनिया के पास प्रॉपर्टी डीलर पीयूष कुमार चौहान और भाजपा नेता ब्लॉक प्रमुख पति डॉ वीर सिंह सैनी के बीच भूमि बेचने के विवाद में मारपीट हो गई थी। वीर सिंह सैनी का आरोप है कि उसे सरकारी भूमि के साथ निजी भूमि बेची गई लेकिन पैसे सरकारी भूमि के भी ले लिए गए।
इसे लेकर दोनों पक्षों में काफी समय से तनातनी चल रही है। जिसके चलते दोनों पक्षों में मारपीट हुई। सीओ नहीं मानते हैं की रंगदारी को लेकर मारपीट हुई है। इस मामले में एक पक्ष पीयूष चौहान ने दूसरे पक्ष के वीर सिंह सैनी सहित तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि वीर सिंह सैनी की ओर से पीयूष कुमार चौहान सहित दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों की ओर से वीडियो वायरल किए गए हैं। इन वीडियो की भी पुलिस जांच कर रही है।
पीयूष चौहान के वीडियो में उनके साथ अधिक मारपीट होना लग रहा है। जबकि वीर सिंह की ओर से जारी वीडियो में उनके साथ कम मारपीट होना लग रहा है। दोनों पक्ष घटना के बाद से ही ठाकुरद्वारा में मौजूद है लेकिन पुलिस इनसे पूछताछ तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। सीओ रुद्र कुमार सिंह का कहना है कि सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में पुलिस नोटिस देती है गिरफ्तारी नहीं करती है। उनका कहना है कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि दोनों पक्षों के बीच लेनदेन का मामला है। इसी को लेकर दोनों पक्ष में मारपीट हुई थी। रंगदारी का सिर्फ आरोप ही लग रहा है।