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UP: सिर पर हथौड़े से हमला... फिर सलीम को गाड़ी से कुचलकर मारा, बीमा क्लेम के 78 लाख के लिए कत्ल; बड़ा खुलासा

Mon, 12 May 2025 03:11 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

Sambhal Insurance Scam: संभल की रजपुरा थाना पुलिस ने बीमा क्लेम हड़पने के लिए दो हत्याएं करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने बीमा पॉलिसी कराने के बाद दिल्ली और धनारी निवासी की हथौड़े से मारकर हत्या की थी। इसके बाद उसे हादसा दिखाकर लाखों रुपये का बीमा क्लेम हासिल किया। पुलिस के मुताबिक, गिरोह तीसरी हत्या की भी योजना बना रहा था।
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संभल में पकड़े गए फर्जी बीमा पाॅलिसी गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
 Sambhal Insurance Murder: संभल के रजपुरा थाना पुलिस ने बीमा क्लेम हड़पने के लिए दो हत्याएं करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह तीसरी हत्या भी जल्द ही करने वाले थे। गिरोह ने हत्या करने से पहले अलग-अलग कंपनियों से जीवन बीमा कराया था और उनका प्रीमियम भी खुद ही भरा था। 

गिरोह ने दोनों हत्याओं के बाद इन घटनाओं को हादसा दिखा दिया था। आरोपियों में से एक ने अपने रिश्तेदार को झांसे में लेकर उसकी चार पॉलिसियां कराई थी, वह उसकी हत्या की साजिश थी। एएसपी अनुकृति शर्मा ने रविवार को इस गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने बीमा क्लेम हड़पने के लिए दिल्ली निवासी अमन (20) की 15 नवंबर 2023 को अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में सिर में हथौड़ा मारकर हत्या की थी। 

इसके बाद हादसा बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अमन की सौतेली मां रूपाली के खाते में 22 लाख रुपये एक पॉलिसी के आ गए थे, जो सभी ने बांट लिए थे। करीब ढाई करोड़ रुपये अन्य पॉलिसियों से मिलने थे। एएसपी ने बताया कि दूसरी हत्या गिरोह ने धनारी निवासी सलीम की 29 जुलाई 2022 को अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र में जाकर की थी। 

पहले सिर पर हथौड़े से मारा था। उसके बाद गाड़ी से कुचल दिया था। सलीम की मौत भी हादसे में दर्ज हुई थी और पुलिस ने इस हादसे में भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद 78 लाख रुपये का क्लेम मिला था जो गिरोह ने बांट लिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य भूमिका वेदप्रकाश और कमल सिंह की है। अमन इनका रिश्ते का भांजा लगता था। 

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संभल पुलिस की हिरासत में बीमा करने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
आरोपियों ने घटना से पहले सलीम के नाम से जीवन बीमा कराए और सौतेली मां और पिता को नॉमिनी बनाया था। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धनारी थाना क्षेत्र के धनारी स्टेशन निवासी वेदप्रकाश, कमल सिंह, गांव मीना की मढ़ैया निवासी निर्देश कुमार, गांव बायभूड़ निवासी प्रेमशंकर, गांव भागनगर निवासी ओमप्रकाश, रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव हिरौनी निवासी सुनील कुमार और कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पैगा रफातपुर निवासी उदयभान सिंह शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों में शामिल ओमप्रकाश ने अपने एक रिश्तेदार की चार पॉलिसी कराई थीं, उसकी हत्या की योजना थी । उससे पहले ही गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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पुलिस हिरासत में बीमा कराने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
गिरोह के सदस्य के जीजा की हत्या की भी थी साजिश
बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सदस्यों ने कई चौंकाने वाले खुलासे पुलिस के सामने किए हैं। इस गिरोह में शामिल ओमप्रकाश के जीजा रमेश की भी हत्या अगले महीने की जानी थी। उनकी गिरोह के द्वारा चार पॉलिसी करा दी गई थीं। इस खुलासे के बाद पुलिस भी सन्न रह गई।

एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि बर्बरता पूर्वक यह हत्या को अंजाम देते थे और हत्या को हादसा बनाकर बीमा क्लेम हड़प रहे थे। अगले महीने में भी एक और हत्या करने की साजिश रच दी गई थी। रमेश के नाम से आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, आदित्य बिरला, एसबीआई, नीवा बूपा कंपनियों की जीवन बीमा पॉलिसी करा दी थीं। 

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पुलिस हिरासत में बीमा कराने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
अगले महीने हत्या करने के बाद हादसा बताने की साजिश भी तैयार कर ली थी। इसी तरह अमन और सलीम की हत्या को हादसा बताकर क्लेम की धनराशि हड़प चुके हैं। एएसपी ने बताया कि यह गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाता है जिनकी उम्र कम हो और उनके परिवार में उनकी देखरेख करने वाला न हो। कम उम्र होने के चलते प्रीमियम कम भरना पड़ता है और जिसके परिवार में देखभाल नहीं होती उन्हें आसानी से अपने जाल में फंसाकर नॉमिनी बनाकर धनराशि हड़प ली जाती है।
 
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पुलिस हिरासत में बीमा कराने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
हत्या से एक दिन पहले अमन व उसके पिता को कमल और वेदप्रकाश ने गांव बुलाया था 
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमन के नाम पर 2.70 करोड़ रुपये की सात पॉलिसी कराई थीं, जिसमें आरोपी सुनील माध्यम था। इन पॉलिसी का प्रीमियम भी खुद भरा था। आरोपी कमल और वेदप्रकाश ने बताया कि अमन उनका रिश्ते का भांजा था। पिता रामचरण ने अमन की मां की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली थी।

इसके चलते वह अपने पिता और मां से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखता था। हमारे साथ उसके संबंध ज्यादा गहरे थे। इसलिए वह भरोसे में आ गया और उसकी सुनील के माध्यम से पॉलिसी करा दी थीं। आरोपियों ने बताया कि 15 नवंबर 2023 को हत्या करने की साजिश रची थी।

इसलिए उसको एक कार्यक्रम के बहाने बुलाया था। उसके पिता को किसी काम के बहाने से 14 नवंबर को बुला लिया था। जिससे अमन की मौत के बाद उनको मुकदमे में वादी बनाया जा सके। आरोपियों ने बताया कि जब अमन की मौत की सूचना रामचरण को हुई तो वह बेहोश हो गए। इसलिए वेदप्रकाश को इस मामले में वादी बनना पड़ा था।  
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पुलिस हिरासत में बीमा कराने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
शाहरुख के फोन से खुला राज, कमल से हुई थी बातचीत
एएसपी ने बताया कि बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह के सदस्य धनारी थाना क्षेत्र के गांव भईयापुर निवासी शाहरुख खान को कुछ समय पहले गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के मोबाइल की छानबीन की गई तो कमल और शाहरुख खान के बीच व्हाट्स एप पर बातचीत और अमन के सभी दस्तावेज मिले थे। जब अमन की जानकारी निकाली तो सामने आया कि हादसे में अमन की मौत दिखाते हुए अमरोहा के रहरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 

 
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संभल में फर्जी बीमा करने वाले गिरोह से बरामद सामान - फोटो : संवाद
जांच पड़ताल में हत्या की आशंका लगी तो छानबीन की। कमल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि अमन की हत्या की थी जो रिश्ते में भांजा था। हादसा दिखाया गया था। जिससे उसके नाम पर चल रहीं बीमा पॉलिसी का क्लेम मिल सके। इसके बाद सभी आरोपी गिरफ्तार किए गए। 

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पुलिस हिरासत में बीमा कराने वाले गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
सलीम को पहले चलती कार से फेंका, फिर गाड़ी से कुचला
एएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने जो हत्या करने का तरीका बताया है वह बेहद ही बर्बर बताया है। आरोपियों ने बताया कि सलीम धनारी निवासी बाबू के साथ शादियों में जाने वाली रंगशाला में काम करता था। उसके परिवार में कोई नहीं था। पहले उसकी पॉलिसी कराई थीं और इसके बाद अमरोहा थाना क्षेत्र में ले जाकर चलती कार से फेंक दिया था। 

 

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संभल में फर्जी बीमा करने वाले गिरोह से बरामद सामान - फोटो : संवाद
सलीम की सांसें चलती देख हथौड़े से सिर पर हमला किया। इसके बाद वैगनआर कार से कुचल दिया था। हादसे में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। किसान दुर्घटना बीमा समेत सभी 78 लाख रुपये की पॉलिसी का क्लेम मिल गया था। एक पॉलिसी 15 लाख रुपये की बाकी है। उसका भी कुछ समय में क्लेम मिलने वाला था। सलीम की हत्या का राज दफन हो गया था इसलिए अमन को निशाना बनाया था। इसके बाद तीसरी हत्या करने की भी साजिश थी।

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संभल पुलिस की हिरासत में आरोपी - फोटो : संवाद
2.70 करोड़ की यह पॉलिसी कराई थीं अमन के नाम  

एचडीएफसी इरगो पॉलिसी : एक करोड़ रुपये
आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस : 50 लाख रुपये 
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड : 30 लाख रुपये
टाटा एआईजी :                    25 लाख रुपये
नीवा बूपा :                           30 लाख रुपये
एसबीआई जनरल कंपनी :     20 लाख रुपये
स्टार हेल्थ :                           15 लाख रुपये

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संभल में फर्जी बीमा करने वाले गिरोह से बरामद सामान - फोटो : संवाद
दो दिव्यांगों की भी हत्या कर हादसा दिखाया, एक दिव्यांग का हत्यारा सगा भाई निकला था
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। दरियाब भी दिव्यांग थे और सड़क हादसा चंदौसी के आटा-पतरौआ मार्ग दिखाया गया था। पुलिस ने इस हत्या के मामले में भी 29 दिसंबर 2024 को कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। चंदौसी और बहजोई पुलिस ने दोबारा से जांच की तो हत्या का मामला निकला था। 50 लाख रुपये से ज्यादा की अलग-अलग कंपनी में पॉलिसी कराई गई थीं।
 

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संभल पुलिस की हिरासत में आरोपी - फोटो : संवाद
इसी तरह दूसरा मामला बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय का सामने आया था। इसमें दिव्यांग के छोटे भाई नवीन ने 20 जून 2024 को चलते ई-रिक्शा से भाई को फेंक दिया था। बाद में सड़क पर सिर पटक कर हत्या कर दी थी। हत्या को हादसा बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी और 95 लाख रुपये के बीमा क्लेम हड़पने के लिए यह वारदात अंजाम दी थी।
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घटना की जानकारी देतीं अनुकृति शर्मा - फोटो : संवाद
यह गिरोह तीसरी हत्या करने वाला था। इससे पहले ही इस गिरोह का राजफाश हो गया है। आगे भी हमारी छानबीन जारी है। क्लेम हड़पने के लिए चार हत्या करने के मामले अभी तक जिले में सामने आ चुके हैं। इसलिए बीमा क्लेम के मामलों की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। -अनुकृति शर्मा, एएसपी (दक्षिणी), संभल


 
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