धोखाधड़ी के मुकदमे में फंसी निर्यातक की पत्नी को बचाने के चक्कर में इंस्पेक्टर मझोला अपना स्टिंग करा बैठे। निर्यातक की पत्नी का नाम मुकदमे से निकालने की एवज में तीन लाख रुपये घूस लेते वक्त इंस्पेक्टर नवरत्न गौतम कैमरे में कैद हो गए।
इंस्पेक्टर ने गलती ये कर दी कि घूस लेने के बावजूद निर्यातक की पत्नी का नाम मुकदमे से नहीं हटाया। इस पर तमतमाए निर्यातक ने अब घूस लेते इंस्पेक्टर का वीडियो डीएम को सौंप दिया है। घूस का वीडियो मिलने के बाद डीएम ने इस पर जांच बैठा दी है।
मामला मझोला थाना क्षेत्र में लाकड़ी बाईपास पर स्थित करोड़ों रुपये के एक भूखंड से जुड़ा है। सिविल लाइंस निवासी राम नारायण अग्रवाल ने निर्यातक निसार अहमद और उनकी पत्नी गुलिस्ता परवीन के खिलाफ मझोला थाने में धोखाधड़ी करने और एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
राम नारायण अग्रवाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि निसार और गुलिस्ता ने लाकड़ी बाईपास पर स्थित उनके भूखंड के फर्जी पेपर एक व्यक्ति के नाम तैयार करा लिए फिर उससे अपने नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे की पुलिस ने छानबीन शुरू की और निर्यातक निसार के घर दबिश देना शुरू कर दिया। पुलिस ने बाद में निर्यातक और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी में ढील देते हुए सीधे कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
निर्यातक निसार अहमद ने अब डीएम से शिकायत की है कि मझोला इंस्पेक्टर नवरत्न गौतम ने उनकी पत्नी का नाम मुकदमे से निकालने की एवज में उनसे तीन लाख रुपये घूस ली थी। जिसकी वीडियो सुबूत के तौर पर मौजूद है। निर्यातक ने डीएम को वीडियो भी सौंपी है। डीएम ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है।