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Moradabad News: केजीके कॉलेज में जांच समिति ने दर्ज किए बयान

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मुरादाबाद। केजीके कॉलेज में प्रबंधन-प्राचार्य विवाद मामले में जांच समिति ने कॉलेज पहुंचकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। अब आगे की कार्यवाही समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगी। वहीं, कॉलेज में अब नए प्रभारी प्राचार्य बनाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। प्रबंधक का कहना है कि 29 जून तक प्रभारी प्राचार्य की तैनाती कर दी जाएगी।
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केजीके कॉलेज में अप्रैल माह के अंत में प्रबंधक और प्राचार्य के बीच की तकरार खुलकर सामने आ गई थी। दो मई को प्रबंधक विवेक खन्ना ने प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को निलंबित कर दिया था। साथ ही मामले की जांच के लिए प्रबंधक विवेक खन्ना ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इसमें आगरा कॉलेज आगरा के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम, डीएन कॉलेज मेरठ के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. अजय कुमार और पूर्व प्राचार्य एसएएस कॉलेज मेरठ प्रो. वीके गौतम को जिम्मेदारी सौंपी थी। यह समिति इसी मामले की जांच करने के लिए कॉलेज पहुंची। हालांकि इस दौरान संयोजक डॉ. सीके गौतम नहीं आ पाए थे। शेष दोनों सदस्यों ने प्रबंधक, प्राचार्य आदि के बयान दर्ज किए। प्रबंधक विवेक खन्ना ने बताया कि समिति के दोनों सदस्य संयोजक के साथ जांच को साझा करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।

29 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं प्रो. विनोद पांडेय
प्रबंधक विवेक खन्ना ने प्रो. विनोद पांडेय को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया था। उनका कार्यकाल 29 जून को समाप्त हो रहा है। इसकी वजह से नए प्राचार्य की तैनाती होनी है। प्रबंधक का कहना है कि प्रक्रिया गतिमान है। 29 जून तक नियुक्ति कर दी जाएगी।
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वैधता तय करने को कुलपति कर रहे सुनवाई
केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता और प्राचार्य के निलंबन मामले में तत्कालीन क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने कुलपति गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को पत्र लिखा था। इसके आधार पर कुलपति ने मामले में सुनवाई शुरू की। करीब डेढ़ महीने में कई तारीखों के बाद भी विभिन्न कारणों की वजह से अभी यह मामला किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। अब इसमें कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने 29 जून को सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।

फंसा हुआ है शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन
प्राचार्य के निलंबन के बाद तत्कालीन क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. डॉ. सुधीर कुमार ने उच्च शिक्षा निदेशक के निर्देश प्राप्त होने के बाद कार्यालय अधीक्षक, प्रबंधक और प्रभारी प्राचार्य के हस्ताक्षरों के आधार पर अप्रैल माह का वेतन जारी कर दिया था। अब जून माह में मुरादाबाद में ही क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति हो गई। इसी बीच वेतन जारी करने की व्यवस्था में भी बदलाव हुआ। इसकी वजह से कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों का मई माह का वेतन फंसा हुआ है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रीना वालिया ने भी उच्च शिक्षा निदेशक से निर्देश लेने के लिए पत्र लिखा है।
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