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फिर दिखी अमानवीयता: 10 की क्षमता, रख दिए 17 बीमार

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मुरादाबाद। जिले में नशा मुक्ति केंद्रों की हालत बदतर है। मंगलवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय प्रबुद्ध कुमार और जिला मद्य निषेध अधिकारी गगन यादव ने दो केंद्रों की जांच की। एसीएम का दावा है कि यहां भी अमानवीयता मिली है। दस लोगों के रहने की क्षमता वाले कमरों में 17 मरीजों को रखा जाता है। उन्होंने तीन दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही चेतावनी दी है कि मानक के अनुरूप व्यवस्था न की तो केंद्र को बंद करा दिया जाएगा।
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अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि उन्होंने डीएम के निर्देश पर जिला मद्य निषेध अधिकारी के साथ निरीक्षण किया। राम गंगा विहार स्थित जीवन उदय नशा मुक्ति केंद्र और आजादनगर स्थित जीवनदान नशा मुक्ति केंद्र पर अव्यवस्थाएं मिलीं। जीवन उदय नशा मुक्ति केंद्र पर 17 मरीज मिले, लेकिन यहां बिस्तर 13 ही थी। बाकी सभी व्यसनी कारपेट पर बिस्तर लगा कर सोते हैं, जबकि इस कमरे की क्षमता दस लोगों की ही है। केंद्र पर पर्याप्त हवा और प्रकाश आने की भी व्यवस्था नहीं है। 17 लोगों के लिए केवल एक टॉयलेट है। वहीं आजादनगर स्थित जीवनदान नशा मुक्ति केंद्र में भी 17 मरीज मिले, जबकि यहां यहां भी हॉल की क्षमता दस लोगों की ही है। यहां फोल्डिंग बेड पर्याप्त मिले। अपर नगर मजिस्ट्रेट का कहना है कि पूर्व में जारी दिशा निर्देश का कोई भी अनुपालन नहीं किया जा रहा है। कोई भी सुधार नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और तीन दिन का समय दिया। कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने के साथ ही व्यवस्थाएं पूरी कर लें अन्य केंद्र को बंद करा दिया जाएगा।
एक सप्ताह पहले पाकबड़ा के तीन केंद्रों पर मिली थी अव्यवस्था
इसी तरह 10 फरवरी को एसडीएम सदर ने पाकबड़ा में निरीक्षण गया। वहां विकल्प नशा मुक्ति केंद्र, सवेरा नशा मुक्ति केंद्र और सर्वहित नशा मुक्ति केंद्र पर मरीजों की संख्या अधिक और बिस्तर काफी कम मिले थे। यहां भी चटाई पर बिस्तर बिछाकर मरीज सोते पाए गए थे।
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