मुरादाबाद। बाढ़ग्रस्त गांवों में नुकसान का आंकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने टीमें लगा दी हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कहा कि टीमों के द्वारा बनाई जा रही सूची में यदि किसी किसान का नाम छूट जाता है तो वह 25 अगस्त तक जानकारी दे सकते हैं।
पांच अगस्त से जिले में बाढ़ आना शुरू हो गई थी। दो दिन में ही जिले के करीब 67 गांव बाढ़ग्रस्त हो गए थे। अभी भी मुरादाबाद की चारों तहसील में खेती बाढ़ प्रभावित हैं और एक गांव में बाढ़ का कटान हो रहा है। रामगंगा नदी के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। बुधवार को रामगंगा का जलस्तर गिरावट के साथ 188.550 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, बृहस्पतिवार को रामगंगा नदी में जलस्तर फिर से बढ़ गया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को जलस्तर 188.610 मीटर दर्ज किया गया। गागन नदी का जलस्तर 191.20 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को 191.05 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी भी नदी के किनारे का कुछ हिस्सा बाढ़ से प्रभावित है। अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार आपदा से फसल की क्षति 33 फीसदी या 33 फीसदी से अधिक होती है, तब ही उसे आपदा के तहत मुआवजा दिया जा सकता है। 25 अगस्त तक किसान बाढ़ से प्रभावित अपनी फसल की जानकारी दे सकते हैं।
टीमें सर्वे कर रही हैं। बाढ़ग्रस्त गांवों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है। इसके बाद सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दी जाएगी। बाढ़ से प्रभावित यदि किसी किसान का नाम सूची में दर्ज होने से छूट जाएगा तो वह 25 अगस्त तक एसडीएम, तहसीलदार और तहसील स्तर पर बढ़े कंट्रोल रूम में जानकारी दे सकता है।
ममता मालवीय, एडीएम वित्त एवं राजस्व