बाजार में मक्खन की भी कमी, आपूर्ति घटी
बाजार में मक्खन की उपलब्धता कम होने से इसकी किल्लत बनी हुई है। डिस्ट्रीब्यूटर सानिध्य गुप्ता का कहना है कि पिछले तीन महीने से मक्खन की आपूर्ति प्रभावित है। कच्चे माल और अन्य संसाधनों की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित होने से बाजार में पर्याप्त मात्रा में मक्खन नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले हर महीने करीब 15 लाख रुपये का मक्खन बाजार में उपलब्ध कराया जाता था लेकिन अब इसकी आपूर्ति घटकर तीन से चार लाख रुपये रह गई है। आपूर्ति सामान्य होने में करीब दो महीने लगने की बात कही जा रही है।
कम हो गया सरसों का रकबा
किसान गन्ना, धान और गेहूं की खेती में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं। पहले गेहूं के साथ सरसों की बोआई भी होती थी लेकिन अब धीरे धीरे सरसों की खेती कम होती जा रही है। कभी मुरादाबाद और अमरोहा में तो सरसों का रकबा सबसे ज्यादा था। कृषि विभाग के उपनिदेशक रविकांत सिंह ने बताया कि अब धीरे धीरे क्षेत्रफल बढ़ रहा है। 2025-26 में मुरादाबाद जिले में सरसों का रकबा 7020 हेक्टेयर था। उत्पादन हुआ 10011 टन। जबकि 2026-27 में 8649 हेक्टेयर में सरसों की खेती हो रही है। संभावित पैदावार 13126 टन होगी।