पाकबड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का आवंटन सवालों के घेरे में है। कई लोगों का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर उन्हें अपात्र घोषित कर योजना का लाभ नहीं दिया गया। जबकि, कई अपात्रों को आवास दे दिए गए। नगर पंचायत के सभासद हिमांशु गुप्ता और मोबिन का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, डूडा की परियोजना अधिकारी ने बताया कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
भाजपा पार्षद हिमांशु गुप्ता ने बताया कि पांच वर्षों में 2283 आवासों का आवंटन हुआ, लेकिन इनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच सका। आवंटन के नाम पर 20 से लेकर 50 हजार रुपये तक की वसूली की गई। कई अपात्रों को भी आवास दे दिए गए। पाकबड़ा क्षेत्र में पात्रों के घर बारिश में गिर गए। अब ऐसे लोग मोहल्ला ईदगाह भूड़, पुराने थाने के पीछे, चामुंडा मंदिर के पास, खुले आसमान के नीचे तिरपाल डालकर रात गुजार रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आधा दर्जन प्रधानमंत्री आवास तो सरकारी जमीन पर बिना कागजात निर्मित किए गए हैं। अब इन्हें हटाने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। संवाद
कच्चे घर को पक्का बताकर आवेदन कर दिया निरस्त
घर कच्चा है। बारिश के दौरान पानी भर जाता है। पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। रिश्वत न देने पर घर को पक्का घर बता कर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
लक्ष्मी देवी, रहमतनगर
घर कच्चा है। छत लकड़ी की कड़ियों से पाटी गई है। बारिश में टपकती है। प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। रिश्वत देने से इन्कार करने पर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
प्रताप सिंह, निजी विद्यालय में शिक्षक
दिहाड़ी मजदूर हूं। घर बारिश में गिर गया है। तिरपाल डालकर रहने के लिए मजबूर हूं। लेखपाल जांच करने आए थे, लेकिन मदद नहीं मिली। पीएम आवास योजना में आवेदन किया था, लेकिन पैसे नहीं देने पर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
मुराद अली, मोहल्ला भूड़
मेरे पति दिहाड़ी पर मजदूरी करते हैं। बारिश में घर टपकता है। तिरपाल डालकर काम चला रहे हैं। पूरे परिवार को जान का खतरा है। पीएम आवास योजना का आवेदन निरस्त कर दिया गया। भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आसमां, चौमुड़ा मंदिर क्षेत्र
इनके आवेदन भी निरस्त
मोहम्मद आलम, कुलसुम, मैसरजहां, अजगरी ने भी पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। इन लोगों का आरोप है कि रिश्वत न देने पर आवेदन निरस्त कर दिए गए। सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल सका।
-पीएम आवास योजना के तहत आवेदकों के सत्यापन का कार्य सदर तहसील स्तर से होता है। पात्र लोगों की सूची प्राप्त होने पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस संदर्भ में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि मिलती है तो जांच के बाद दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
- अनामिका सिंह, परियोजना अधिकारी, डूडा