मुरादाबाद। आधा नवंबर गुजर जाने के बाद भी दिन और रात के तापमान के बीच दूरी बनी हुई है। दिन और रात के तापमान में बीस डिग्री तक का अंतर है। ये बढ़ी दूरी सेहत पर भारी पड़ने लगी है। यही वजह है कि नवंबर के तीसरे हफ्ते में भी डेंगू और बुखार की तपिश बरकरार है। डॉक्टरों के मुताबिक दिन का तापमान 20 से 22 डिग्री होने पर डेंगू और वायरल से राहत मिलेगी।
नवंबर का तीसरा हफ्ता शुरू हो गया है। लेकिन अभी भी दिन का तापमान तीस डिग्री के पार है। हालांकि रात का तापमान गिरकर 12 डिग्री तक पहुंच गया है। इसके चलते दिन में गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि रात में सर्दी बढ़ गई है। इस सर्द गर्म का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन और रात के तापमान के बढ़े अंतर से वायरस सक्रिय है। वहीं मच्छर भी सक्रिय हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. अरुण तोमर ने बताया कि दिन का तापमान कम नहीं हो रहा है। अभी भी दिन का तामपान अधिक है। गर्मी महसूस होती है। लेकिन रात का तामपान कम है। अगर दिन का 20 से 22 डिग्री तक हो जाए तो वायरस निष्क्रिय हो जाते हैं। मच्छर भी कम हो जाएंगे।
आर्दता बढ़ने पर निष्क्रिय वायरस हो जाते हैं सक्रिय
मुरादाबाद। डॉक्टरों के मुताबिक मौसम में आर्दता बढ़ने पर निष्क्रिय वायरस पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि बारिश के बाद अगस्त और सितंबर में वायरल फैल जाता है। वहीं मच्छरों की संख्या में भी इजाफा होता है। लेकिन जब तापमान गिरता है, मौसम में ठंडापन आता है तो यही सक्रिय वायरस निष्क्रिय मोड पर चले जाते हैं। वहीं तापमान में गिरावट से मच्छर भी नहीं पनप पाएंगे।