मुरादाबाद। सनाई रोजा किसान सेवा सहकारी समिति के विक्रय प्रभारी को अपने 12 साल के बेटे को किसान बनाकर 41.76 टन यूरिया देने के आरोप में बोर्ड ने निलंबित कर दिया है। विक्रय प्रभारी के बेटे का नाम जिले में सर्वाधिक यूरिया प्राप्त करने वाले 20 किसानों में सबसे ऊपर था।
यूरिया किल्लत के दौरान कुछ दिन पहले शासन स्तर से जिले के ऐसे 20 किसानों की सूची जांच के लिए भेजी गई थी जिन्हें प्रथम दृष्ट्या अनियमित ढंग से उर्वरक वितरित किया जाना पाया गया था। इस सूची में शामिल सनाई रोजा किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा प्रिंस शंखधार को सर्वाधिक 41.76 टन यूरिया दिया जाना दर्शाया गया है। पड़ताल में पाया गया कि प्रिंस किसान नहीं बल्कि समिति पर तैनात विक्रय प्रभारी वीरपाल का 12 वर्षीय पुत्र है। एसडीएम द्वारा की गई जांच में हालांकि उर्वरक प्रभारी ने तर्क दिया था कि पॉस मशीन खराब होने के कारण उसने किसानों को दी गई यूरिया अपने पुत्र का आधार कार्ड लगाकर खारिज करा ली थी, लेकिन एसडीएम उसके बयान से संतुष्ट नहीं हुए। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर दो दिन पहले सहायक निबंधक सहकारी समितियां जितेंद्र कुमार सिंह ने समिति के सचिव को पत्र लिख कर बोर्ड की बैठक बुलाकर विक्रय प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने को लिखा था। एआर ने बताया कि सनाई रोजा किसान सेवा सहकारी समिति ने बोर्ड की बैठक बुलाकर आरोपी विक्रय प्रभारी वीरपाल सिंह को निलंबित कर दिया है। इसकी सूचना समिति के सचिव दीपक सिंह ने उन्हें भेज दी है।